वेतन न मिलने पर शिक्षकों का फूटा गुस्सा, लापरवाह कर्मचारियों पर की कार्रवाई की मांग

दीपावली एवं छठ जैसे महापर्व के अवसर पर सभी श्रेणी के शिक्षकों,विशिष्ट शिक्षक, नियोजित शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, अंतर-जिला एवं जिला स्तर पर स्थानांतरित शिक्षक,नवनियुक्त प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक को वेतन भुगतान नहीं होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। शिक्षकों में तंगी का गुस्सा साफ साफ नजर आ रहा है।
परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ, बिहार के प्रदेश महासचिव सह मुजफ्फरपुर जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह ने इस गंभीर मुद्दे पर बयान जारी करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी वेतन भुगतान के लिए समय-समय पर पत्र जारी करते रहे, परंतु संबंधित पदाधिकारी, कर्मचारी, लिपिक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों की उदासीनता और लापरवाही के कारण शिक्षक आज भी वेतन से वंचित हैं।
सिंह ने बताया कि एक ओर जहाँ अक्टूबर सहित चार माह का वेतन बकाया है, वहीं कुछ शिक्षकों को केवल एक माह का वेतन भुगतान कर शेष राशि रोक कर रखना विभागीय मनमानी और संभावित अवैध उगाही की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि कछुए की गति से वेतन भुगतान का कार्य करना पर्व के दिनों में घोर लापरवाही का परिचायक है।
उन्होंने मांग की कि जिन कर्मचारियों की लापरवाही के कारण शिक्षकों का वेतन ससमय भुगतान नहीं हो पाया, उन पर जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो शीघ्र ही सभी शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिला शिक्षा विभाग में हो रही मनमानी और वेतन भुगतान में विलंब के खिलाफ आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।








