महिला स्वास्थ्य का नजरअंदाज, समाज और परिवार पर संकट।

बिहार में मातृ और बाल स्वास्थ्य को को लेकर.जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रामबाग, मुजफ्फरपुर में आई आई टी पटना और वुमन्स कलेकटीव फोरम नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ पापिया राज एसो. प्रोफेसर आई.आई.टी.पटना, डॉ इशिता राय एम्स पटना, डॉ चंदा राय महिला और कैंसर रोग विशेषज्ञ टाटा कैंसर संस्थान मुजफ्फरपुर और आई सी डी एस मुजफ्फरपुर के बाल विकास प्रोजेक्ट पदाधिकारी सौम्या कुमारी उपस्थित थीं।

इस अवसर पर प्राचार्या डायट अनामिका कुमारी ने कहा कि भारत में विशेषकर गाँवों में महिला स्वास्थ्य को नजरअंदाज किया गया हैं। एक महिला को सबसे पहले स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना चाहिए तब वो परिवार के स्वास्थ्य को बेहतर कर सकती हैं।
डॉ पापिया राज ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज कल महिलाएं फास्ट फूड, जंक फूड खाना एक पहचान का प्रतीक बना लिया है. इससे महिलाओं की स्वास्थ्य और विशेषकर प्रजनन स्वास्थ्य कुप्रभावित होता है। इन्होंने पीपीटी के माध्यम से बिहार के कुल प्रजनन दर तथा कुल मातृ मृत्यु दर को दर्शाया और विस्तार से चर्चा की।
इसके बाद डॉ इशिता राय ने एक गर्भवती महिला को किन बातों का ध्यान रखना है कितने बार डॉ के पास जाँच के लिए जाना है कौन सी दवाएं खानी चाहिए क्या खान-पान होना चाहिए। बच्चे के जन्म के बाद क्या क्या सावधानी बरतनी चाहिए जिससे माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ रहे।
डॉ चंदा राय ने बताया कि यदि किसी महिला को पहले से कोई शारीरिक बीमारी हैं और उसकी दवा खा रहे हैं और वो गर्भवती हो जाय तो उसे तुरन्त डॉ के पास जाना चाहिए। साथ ही इन्होंने महिलाओं के स्तन कैंसर और गर्भाशय कैंसर के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बाल विकास प्रोजेक्ट अधिकारी सौम्या ने बताया कि सरकार द्वारा बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए क्या-क्या प्रावधान, और सुविधाएं हैं। इन्होंने बताया कि प्रत्येक गाँव में एक आंगनबाड़ी सेविका कर्मचारी की नियुक्ति की गई है जो महिला और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर माँ और उसके परिवार को समय-समय पर सूचित करती हैं. इन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र पर प्रति माह अन्नप्राशन और गोद भराई की प्रक्रिया की जाती हैं।
इस कार्यशाला में डायट के व्याख्याता डॉ रश्मि, डॉ संतोष राणा, डॉ निर्मल कुमार, पंकज कुमार, डॉ मीरा, आशीष कुमार, अवनीश कुमार, ह्यूमन पीपल इंडिया के अश्विनी कुमार, दीपक कुमार के साथ D.El.Ed द्वितीय वर्ष के सभी प्रशिक्षु उपस्थित थे। मंच संचालन का कार्य डॉ रश्मि ने किया।








