
डेहरी रेलवे स्टेशन पर सात बच्चों के साथ एक साल पहले पकड़े गए दो बाल तस्करों को सासाराम जिला जज 2 बीके राय की अदालत ने 14-14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक बाल तस्कर पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर अभियुक्तों को तीन-तीन माह की अतिरिक्त कारावास की सजा होगी।
बताया जाता है कि 20 नवंबर 2024 की दोपहर एक बजे डेहरी रेलवे स्टेशन पर बाल तस्करों के होने की सूचना मिली थी। सूचना पर रेलवे पुलिस ने सर्कुलेटिंग एरिया के माइक्रो कार्यालय के पास स्थित कार पार्किंग से सात बच्चों के साथ दोनों तस्करों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान दोनों बाल तस्करों ने बताया कि वह सातों बच्चों को आंध्र प्रदेश के गुंटुर में बिल्डिंग बनाने वाली कंपनी में काम कराने के लिए धनबाद-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन से लेकर जाने वाले था।
मामले में बाल कल्याण समिति रोहतास के आदेश पर डेहरी थाने में आरोपी दोनों तस्करों श्रवण कुमार और सुदेशी यादव के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गई थी। श्रवण कुमार झारखंड के पलामू जिले के बैरियाडीह छतरपुर थाना क्षेत्र के कलाकर्मा गांव का रहने वाला है और सुदेशी यादव छतरपुर थाना क्षेत्र के चोखड़ा गांव का है।
थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार सभी बच्चे झारखंड के अलग-अलग जगहों से लाये गए थे। जिन्हें उनके माता-पिता को एक बच्चे पर दो हजार रुपए व उन्हें प्रतिमाह पैसा भेजने का लालच देते हुए अपने कब्जे में लिया गया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से अपर लोक अभियोजक हुसैन इजहार अंसारी ने बताया कि मामले में ट्रायल के दौरान नौ गवाहों की गवाही करायी गई थी। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को चाइल्ड ट्रैफिकिंग एक्ट के तहत दोषी पाया व सजा सुनाई।









