
आए दिन ये खबरें सुनने को आती है कि मरीज के मृत शरीर को निजी नर्सिंग होम बिल को चूकता कराने के लिए बंधक बना लेते हैं। ये बड़े शहरों की बातें हुआ करती थी। लेकिन ऐसा ही वाक्या मुजफ्फरपुर में भी देखने को मिला। जहां अहियापुर के निजी नर्सिंग अस्पताल ग्रीन डायमंड एमरजेंसी में एक मरीज की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। और लाश को बंधक बना इलाज के पैसे की मांग की।
जब मृतक के परिजन मृतक की लाश लेने गए तो अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के खर्च में लगे 1 लाख 20 हजार रुपए की डिमांड कर दी। इसके बाद परिजनों ने ये कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि एक तो इलाज की सही व्यवस्था नहीं है। हमारा आदमी चला गया और अस्पताल प्रबंधन पैसे मांग रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ने पैसा अदायगी के बिना लाश को परिजनों को देने से मना कर दिया। इसी बीच अस्पताल में हंगामे की खबर अहियापुर थाने को मिली। तत्काल थाना प्रभारी अपने दल बल के साथ अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। फिर अस्पताल प्रबंधन से बात कर 36 घंटे बाद मृत शरीर को अस्पताल प्रबंधन के चंगुल से मुक्त करा परिजनों के सुपूर्द किया।








