धोखे से उड़ाए पैसे को पाने का तत्काल समाधान
महिला सिपाही के क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों द्वारा ठगी सामने आई है। एसएसपी कार्यालय में कार्यरत एक महिला सिपाही अर्चना कुमारी के कार्ड कार्ड से 20 हजार रुपए की ठगी कर ली है। काजी मोहम्मदपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराया है। प्राथमिकी के अनुसार 1 नवंबर को दिन में उनके क्रेडिट कार्ड से 20186 रुपए करने का मैसेज आया। ये मैसेज देख कर वो तुरंत बैंक गई जहां बताया गया कि उनके कार्ड से वेस्ट बंगाल के बालीगंज के रहने वाले साहिल ने उनके कार्ड का इस्तेमाल किया है। उसने एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मोबाइल खरीदी में इस पैसे का भुगतान किया है। पुलिस ने प्राथमिकी के बाद छानबीन की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एक दूसरा केस मुजफ्फरपुर से ही है। जहां जुरन छपरा में स्थित एक सर्जिकल संस्थान के संचालक अविनाश कुमार का मोबाइल हैक कर उनके दो परिचितों से 47-47 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। जिसकी शिकायत उन्होंने ब्रह्मपुरा थाने में की है। शिकायत के अनुसार उनके मोबाइल पर 8 नवंबर को एक अंजान नंबर से कॉल आता है। लेकिन ये किसी कार्य में व्यस्त थे। अगले दिन 9 नवंबर को जब इन्होंने उक्त नंबर पर कॉल किया तो सामने वाले ने खुद को डिलीवरी बॉय बताया और उसने एक नंबर दिया और कहा कि इस नंबर पर आप रिंग कर ले। अविनाश कुमार ने जैसे ही उस नंबर पर कॉल किया कॉल खुद ही डिस्कनेक्ट हो गया और एक मैसेज आया। उसके उनके व्हाट्सएप ने काम करना बंद कर दिया। आधे घंटे बाद उनके दो परिचित को मैसेज कर 47-47 हजार रुपए की राशि एक अज्ञात अकाउंट में ट्रांसफर करा ली गई। 2 घंटे बाद अविनाश कुमार का मोबाइल काम करना शुरू तो करता है लेकिन व्हाट्सएप अभी भी बंद पड़ा हुआ है।
भारत सरकार ने इस तरह की समस्या से त्वरित कार्रवाई के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है जहां आप कॉल करके भारत सरकार से अपने खोए हुए पैसे वापस पा सकते हैं। यह हेल्पलाइन नंबर खास कर उनके लिए मददगार है जो ऑनलाइन बैंकिंग,UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड के मामलों में शिकार हुए हों। आपके कॉल के आधार पर अधिकारी धोखाधड़ी को रोकने और आपके पैसे की रिकवरी में मदद करते हैं।
इस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर बातचीत के दौरान अपना मोबाइल नंबर, पता, फ्रॉड के प्रकार की जानकारी अवश्य दें। यहां से मैसेज के द्वारा एक अक्नॉजमेंट नंबर दिया जाएगा। इस नंबर का इस्तेमाल कर 24 घंटे के भीतर cybercrime.gov.in पोर्टल पर औपचारिक शिकायत दर्ज करें।
1930 पर कॉल करने से वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर तत्काल कार्रवाई करने में मदद मिलती है।








