
बिहार विधानसभा चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण का अंतिम घंटा शेष बचा है। 3 बजे तक की स्थिति को देखकर लग रहा है कि इस चरण में मतदान का आंकड़ा एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। शाम 5 बजे तक ही लगभग 60 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हो चुका था। बूथों पर तब भी लंबी लंबी कतार देखी जा रही है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इस तरह के उत्साह से पहले चरण का भी रिकॉर्ड टूट सकता है।
इस चुनाव में सबसे खास बात जो निकल कर आ रही है कि महिलाएं काफी बढ़-चढ़ कर मतदान में हिस्सा ले रही हैं। पहले चरण में लगभग 9 प्रतिशत महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा वोट किया। पहले चरण में पुरुषों ने जहां 61 प्रतिशत पुरुषों ने वोट किया वहीं महिलाओं की वोटिंग प्रतिशत लगभग 70 प्रतिशत के आसपास थी।
इस अप्रत्याशित वोटिंग के कई कारण हो सकते हैं। जैसे छठ पर्व के दौरान वोटिंग होना, नीतीश कुमार का महिलाओं को रोजगार के लिए 10000 रुपए देना जिसे विपक्षी कह रहे हैं कि खुलेआम नीतीश कुमार ने वोट खरीदने का काम किया है। NDA और महागठबंधन के लोक लुभावने वादे। NDA ने जहां 1 करोड़ नौकरी और रोजगार की बात कही वहीं महागठबंधन ने हर परिवार से 1 नौकरी की की बात की।
जीविका दीदियों और माई बहिन योजना ने भी इस बार के मतदान प्रतिशत को बढ़ाया है। नीतीश कुमार ने पहले ही 1 करोड़ 41 लाख महिलाओं को 10000 की राशि रोजगार के लिए दी गई थी, जिसे चुनाव के दौरान नीतीश कुमार ने हमेशा ही दोहराया और कहा कि ये पैसा उनसे कोई भी वापस नहीं ले सकता। ये सारी घोषणाओं ने मतदान प्रतिशत को एक नई ऊंचाई दी।
जो भी हो इस बार का चुनाव बड़ा दिलचस्प रहा। चुनावी भाषण में मर्यादाओं की सारी सीमा लांघ दी गई। भाई भाई के खिलाफ प्रचार कर रहा है। एक बारगी से महाभारत की पूरी पटकथा घूम गई। वैसे चुनाव के दौरान पांडवों की बात भी उठी थी। जहां अमित शाह ने अरवल की जनसभा में NDA गठबंधन को 5 पांडव कहा था, जो सच्चाई के लिए लड़ रही है।
अब खबरिया चैनलों के एग्जिट पोल शुरू होंगे। जिसका पता नहीं वो किसे हरवाएंगे या जिताएंगे। उनके सर्वे का पैरामीटर क्या है और मतदाताओं से उन्होंने क्या पूछा और कैसे अनुमान लगाया अब वो जाने। लेकिन khabarjindagi.com आपको सबसे पहले बता रहा है कि फुल मेजॉरिटी में कोई गठबंधन नहीं होगा। ये भी अनुमान पर ही आधारित है। लेकिन बहुत नजदीक से मतदाताओं को देखा है और उनकी बातों से समझने की कोशिश की है।








