272 बुद्धिजीवियों ने पत्र लिखकर कहा “राहुल लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं”
संविधान लेकर शपथ खाने वाले नेता अब संविधान से उपजी संवैधानिक संस्था पर सवाल उठा रहे हैं। कभी सीबीआई, कभी ईडी और पिछले 6 महीने से चुनाव आयोग भी अब राहुल के निशाने पर आ चुके हैं। और इसी को लेकर राहुल गांधी पर पूर्व जजों, नौकरशाहों और राजदूतों ने हमला बोला है। 272 बुद्धिजीवियों ने पत्र लिखकर ये बातें कही हैं। उन्होंने पत्र में सीधा-सीधा लिखा है कि राहुल लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं।
भारत के पूर्व जजों और नौकरशाहों ने राहुल गांधी के नाम लिखे पत्र में निर्वाचन आयोग पर लगाए गए आरोपों पर नाराजगी जाहिर की है। चुनाव न जीत पाने की हताशा से इस कदर गुस्से में हैं कि संस्था पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं। हरियाणा चुनाव के बाद से ही राहुल गांधी चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वो बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही है।
पत्र के अनुसार “हम समाज के वरिष्ठ नागरिक हैं और इस बात पर चिंता जाहिर करते है कि भारत के लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है। ये हमला बल से नहीं बल्कि इसके संस्थाओं पर जहरीली बयानबाजी से किया जा रहा है। कुछ राजनेता कोई वास्तविक नीति और विकल्प पेश किए बगैर अपनी नाटकीय राजनीतिक रणनीति में उकसावे और निराधार आरोपों का सहारा ले रहे हैं।”
इस पत्र में लिखा गया है “भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और उपलब्धियों पर सवाल उठाकर छवि खराब करने, न्यायालय की निष्पक्षता पर सवाल उठाने संसद और उसके पदाधिकारियों के बाद अब निर्वाचन आयोग पर हमला बोला जा रहा है। और कहा जा रहा है कि उनके पास चुनाव आयोग का वोट चोरी में शामिल होने के सबूत हैं। जब सबूत है तो उन्होंने कोई औपचारिक शिकायत अबतक क्यूं नहीं दर्ज कराई।”
SIR को लेकर पत्र में लिखा है कि “यहां तक घोषणा कर दी गई है कि चुनाव आयोग बेशर्मी के साथ भाजपा के बी टीम की तरह काम कर रही है। जब इस पर जांच होगी तो राहुल गांधी का यह आरोप टिकेगा नहीं। क्यों कि चुनाव आयोग ने SIR का तरीका सार्वजनिक रूप से साझा किया है और इसकी निगरानी अदालत के बताए तरीके से की गई है।”
पत्र में कहा गया है कि “कांग्रेस नेता का बर्ताव बार बार चुनाव हारने से उपजे गुस्से का परिणाम है। जब ये कही चुनाव जीत जाते हैं तो कहते हैं कि आयोग सही काम कर रहा है और जैसे ही चुनाव हारते हैं तो ये फिर से आयोग पर हमलावर हो जाते हैं।”








