पानी में माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते खतरों के विषय पर राष्ट्रीय स्तर के हेल्थ हैकाथॉन, IDEA ONE में एमआईटी (MIT) मुजफ्फरपुर की छात्र टीम “SAI” ने शानदार प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि संस्थान के साथ-साथ पूरे बिहार के लिए गौरव की बात है। इसका आयोजन भारत मंडपम दिल्ली में किया गया था। यहां बताते चले कि बिहार से किसी इंजीनियरिंग कॉलेज ने पहली बार भाग लिया है।
एमआईटी के टीम ने पानी में बढ़ते माइक्रोप्लास्टिक और अन्य प्रदूषकों की समस्या को अपना विषय बनाया जो मानव स्वास्थ्य, जलीय जीवों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। वर्तमान परीक्षण विधियाँ महंगी, धीमी और लैब पर निर्भर होने के कारण समय पर कार्रवाई मुश्किल हो जाती है।

इस टीम SAI में शामिल सदस्यों श्याम कुमार (टीम लीडर, BMR), शिवानी कुमारी (BMR), हंसिका रानी (BMR), मोहित राज (BMR), सुमित कुमार (EE) की टीम ने एक पोर्टेबल, कम-खर्चीला, AI-सक्षम माइक्रोप्लास्टिक डिटेक्शन सिस्टम का प्रस्ताव दिया, जो पानी में प्रदूषकों का रियल-टाइम, ऑन-साइट पता लगा सकता है। यह डिजिटल सिस्टम मोबाइल ऐप और वेब प्लेटफॉर्म से जुड़कर प्राधिकरणों तक तुरंत रिपोर्टिंग की सुविधा देता है, जिससे तेज निर्णय और पर्यावरण संरक्षण संभव हो सके।
20–21 नवंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया गया। जहां कई चरणों की प्रतियोगिता के बाद, टीम SAI ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया, जो राज्य के तकनीकी संस्थानों के लिए एक मिसाल है। इसके पहले ओडिशा के पूरी शहर में प्रस्तुति राउंड आयोजित किया गया था। जिसमें एमआईटी की SAI ने क्वालीफाई कर देश की शीर्ष 18 टीमों में अपनी जगह बनाई।
हैकाथॉन के संस्थान समन्वयक एवं मेंटर प्रो. आशीष कुमार (CSE) ने बताया कि “बिहार के किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज की यह पहली भागीदारी थी, और MIT मुजफ्फरपुर ने सीधे राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।” इस उपलब्धि पर मौके पर प्राचार्य प्रो.(डॉ.) एम के झा एवं संस्थान के सभी फैकल्टी ने टीम SAI के सभी सदस्यों को बधाई दी। प्राचार्य प्रो. ( डॉ.) एम के झा ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के तकनीकी शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायक है।








