मुजफ्फरपुर की सात लाख महिलाओं को अब तक 10-10 हजार की राशि मिल चुकी है। शुक्रवार को 34 हजार से अधिक महिलाओं के खाते में राशि दी गई। इसे लेकर समाहरणालय के सभा कक्ष में भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत राशि का डीबीटी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की महिलाएँ आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में जिन महिलाओं ने अपने रोजगार को और आगे बढ़ाया है, उन्हें अतिरिक्त ₹2 लाख तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने जीविका समूहों से जुड़े महिलाओं द्वारा समाज और परिवार की आर्थिक स्थिति में लाए गए सकारात्मक बदलावों की सराहना की और कहा कि इन उपलब्धियों की साक्षी स्वयं महिलाएँ हैं।
महिलाओं ने बताया कि प्राप्त राशि से उन्होंने सिलाई, बुनाई, किराना दुकान, पशुपालन, कृषि आधारित कार्यों सहित कई तरह के आजीविका अवसरों की शुरुआत की है, जिससे उन्हें स्थायी आय और आत्मविश्वास मिला है। इस अवसर पर संचार प्रबंधक राजीव रंजन, विकास कुमार,रितेश कुमार, आनंद कुमार,रोशन कुमार, संजीत कुमार सहित कई जीविका दीदियाँ उपस्थित थी। सभी अधिकारियों और कर्मियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। राज्यस्तरीय इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिले के सभी 16 प्रखंडों में किया गया, जिसमें जिले से लगभग 2 हज़ार जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया।
समारोह में रमा निषाद,मंत्री पिछड़ा अति एवं पिछड़ा वर्ग, कल्याण विभाग, जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, उपविकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, डीपीएम अनीशा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने लाभुक महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने महिलाओं से योजना के तहत प्राप्त राशि से शुरू किए गए नए रोजगारों और उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली।








