भारत की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो की उड़ाने लगभग पूरी तरह से ठप्प पड़ गई हैं। इसका प्रभाव हजारों यात्रियों पर पड़ा है। क्रू मेंबर की कमी की वजह से मंगलवार अब तक 350 से अधिक उड़ाने रद्द करनी पड़ी हैं। कनेक्टिंग फ्लाइट से यात्रा करने वाले कई यात्री देश के कई एयरपोर्ट पर फंसे पड़े हैं।
सूत्रों के अनुसार इंडिगो देश के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई और बंगलुरु से लगभग 150 से अधिक उड़ाने रद्द कर चुका है। यह आंकड़ा सिर्फ गुरुवार का है और इसमें और इजाफा हो सकता है। इसके पहले मंगलवार और बुधवार को इंडिगो की 200 फ़्लाइट रद्द हो चुकी है। एयरलाइन के साख को बहुत बड़ा बट्टा लगा है। लगभग 20 प्रतिशत तक एयर टाइम परफॉर्मेंस इंडिगो की गिर चुकी है। फ्लाइट उड़ाने तक के लिए पायलट और क्रू मेंबर आवश्यक कर्मचारी duty के लिए उपलब्ध ही नहीं है।
एयरलाइन कंपनी ने बताया कारण
1 नवंबर से लागू डीजीसीए के नए समय सारणी के लागू होने के बाद ही इंडिगो के साथ यह समस्या शुरू हुई है नए कानून “फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन” के प्रावधान द्वारा क्रू मेंबर के काम के समय को घटा दिया गया और आराम के समय को बढ़ा दिया गया। नियम की शख्ती के कारण पायलट और क्रू मेंबर ऑफ ड्यूटी हो गए। जिसके कारण दर्जनों फ्लाइट रद्द करनी पड़ी। केवल इंडिगो की 1200 से ज्यादा फ्लाइट्स नवंबर में रद्द हुई है। इंडिगो महीने में 2200 से ऊपर की फ्लाइट परिचालन का काम करती है। देश की सबसे बड़ी उड़ान कंपनी है।
छोटी एयरलाइंस नए नियम में जल्दी ढल गई लेकिन इंडिगो का एक विशाल नेटवर्क है और उसे शख्ती से काम करना पड़ेगा। जैसा कि इंडिगो ने डीजीसीए को लिखित आश्वास भी दिया है। पिछले 2 दिनों से यात्रियों में जैसे हाहाकार की स्थिति उत्पन्न हुई डीजीसीए खुद हरकत में आया और इंडिगो के साथ मिलकर काम कर रही है।इंडिगो ने नए रोस्टर प्लान पर काम शुरू कर दिया है। उम्मीद है 1-2 दिनों में इंडिगो की स्थिति सुधरेगी।








