बाबरी मस्जिद विध्वंस के 32 वें बरसी के अवसर पर शनिवार 06 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय सनातन हिंदू वाहिनी एवं विश्व सनातन सेवा द्वारा मुजफ्फरपुर के बाबा गरीब नाथ मंदिर के सभागार में शौर्य दिवस एवं सनातन संकल्प सभा का भव्य आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता पूर्व कारा अधीक्षण एवं साहित्यकार देवेंद्र कुमार ने तथा धन्यवाद ज्ञापन अनिल कुमार ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर मुजफ्फरपुर के कांटी के बलिदानी कारसेवक संजय कुमार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बेबी कुमारी ने कहा कि अयोध्या के संघर्ष की गाथा और हिंदू एकता का ही परिणाम है कि आज मोदी जी की सरकार अयोध्या को स्वर्ग की तरह सजा सवार रही है। यही झलक कुछ समय के बाद हमें मथुरा और काशी में भी देखने को मिलेगा। आचार्य चंद्र किशोर पाराशर ने अपने संबोधन में कहा कि कारसेवक संजय कुमार के बलिदान को हमें कभी नहीं भूलना चाहिए। क्योंकि ऐसे ही बलिदानी कारसेवकों के संघर्षों अयोध्या में सफलता प्राप्त हुई है और संजय कुमार जैसे कारसेवकों से प्रेरणा लेकर हमें मथुरा और काशी में भी भव्य मंदिर का निर्माण करना है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अमिया भूषण ने कहा कि अयोध्या आंदोलन का ही प्रभाव है कि आज पूरे भारत और विश्व के सनातन समाज में नवजागरण आया है तथा उन्होंने समय-समय पर अपनी एकता का प्रदर्शन किया है। इस अवसर पर आयोजित सनातन संकल्प सभा में उपस्थित सभी ने मुजफ्फरपुर जंक्शन पर तोड़े गए मंदिरों के लिए आगामी 10 दिसंबर को हिंदू संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के जंतर मंतर के लिए कूच करेगा जहां अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना का आयोजन करेगा। उक्त जानकारी देते हुए आचार्य चंद्र किशोर पाराशर ने बताया कि इस दौरान हिंदू संगठनों का प्रतिनिधिमंडल रेल मंत्री से भी मिलेगा।








