पिछले 10 सालों से बन रहा मुजफ्फरपुर का चंदवारा पुल लोगों की राह तक रहा है। नदी के ऊपर का निर्माण कार्य पूरा हो गया लेकिन पुल का दोनों छोर अभी भी मुख्य सड़क से जुड़ा नहीं। यूं कहिए कि अप्रोच रोड नहीं बन पाया है। इसके लिए कौन दोषी है कोई बता भी नहीं पायेगा।

2014-15 में इस पुल का शिलान्यास नीतीश कुमार के हाथों हुआ था। अखाड़ाघाट पुल पर जाम को देखते हुए मुजफ्फरपुर की आवाम के मांग पर खुद नीतीश कुमार ने इस पुल की मंजुरी दी थी। 2015 में 45 करोड़ की लगता से ये पुल बनने का कार्य शुरू हुआ। 2018 तक नदी के ऊपर का पुल का हिस्सा बन कर तैयार भी हो गया था। लेकिन मामला यही फंस गया। अप्रोच रोड के लिए जिन किसानों से जमीनें ली गई उन्हें मुआवजा ही नहीं मिला। जब उन्हें मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ तो उन किसानों ने जमीन देने से मना कर दिया।
फिर साल आया 2024, नीतीश कुमार का दिसंबर 2024 में प्रगति यात्रा के माध्यम से मुजफ्फरपुर का दौरा होना था। चंदवारा के अधूरे पुल की रंगाई पुताई शुरू हो गई। कहा गया कि नीतीश कुमार पुल को देखने आ रहे हैं , लेकिन कतिपय कारणवस नीतीश कुमार का दौरा ही रद्द हो गया। चंदवारा पुल फिर अधर में लटक गया। लेकिन तब मुजफ्फरपुर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने इस पुल को देखकर लोगों को भरोसा दिलाया था कि ये पुल वो पूरा करा मुजफ्फरपुर वासियों को सौंपेंगे। और अब ये सपना पूरा होता दिख रहा है।

इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने बुधवार को चंदवारा पुल निर्माणाधीन स्थल एवं उसके आसपास के इलाकों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फेज-2 के तहत होने वाले भू-अर्जन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को अधिनियम की धारा 19(1) के तहत प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही सिपाहपुर क्षेत्र में भू-अर्जन से संबंधित रैयतों की दर्ज आपत्तियों के त्वरित निष्पादन का निर्देश भी दिया गया।
जगन्नाथ मिश्रा कालेज स्थित चंदवारा पुल फेज-2 परियोजना के अंतर्गत खुदीराम बोस चिता स्थल पर चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने वरीय परियोजना अभियंता, पुल निर्माण निगम लिमिटेड को मई तक हर हाल में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही चिता स्थल के आसपास सौंदर्यीकरण का कार्य समयबद्ध तरीके से करने का निर्देश नगर निगम को दिया।
जिलाधिकारी ने चंदवारा पुल निर्माण के तहत हो रहे कार्यों का जायजा लेते हुए स्पष्ट कहा कि यह परियोजना शहर के यातायात तंत्र को सुगम बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए संबंधित विभाग पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।










