बिहार के निवासी अगर प्रारंभिक पढ़ाई बिहार के बाहर से किए होंगे, तो उन्हें 85 प्रतिशत का लाभ नहीं मिलेगा। BPSC के द्वारा की जाने वाली भर्ती प्रक्रिया यही कहती है। बिहार के युवाओं के विरोध के बाद BPSC ने कुछ बदलाव कियें हैं। शिक्षकों की नियुक्ति अब डोमिसाइल के आधार पर की जाएगी।
बिहार में आजकल TRE 4 के द्वारा बीपीएससी लगभग 26000 शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। बहुत जल्द इसकी अधिसूचना जारी हो सकती है। वैसे तो यह भर्ती प्रक्रिया दिसंबर 2025 में ही पूरी कर लिया जाना था लेकिन शिक्षा विभाग और स्कूलों की लापरवाही के कारण इसमें विलंब हो सकता है।
इसके लिए जो योग्यता निर्धारित की गई है। उसके अनुसार वर्ग 1 से 5 तक के लिए मैट्रिक इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण हों और डीएलएड का सर्टिफिकेट होना चाहिए। 5वीं क्लास से ऊपर के लिए कम से कम सारी अहर्ताओं के साथ बीएड की डिग्री अवश्य हो। साथ ही TET, STET या CTET की परीक्षा उत्तीर्ण हों।अब ये सारी अहर्ताएं अगर आप पूरी कर रहे हैं तो आप बीपीएससी के द्वारा ली जाने वाली TRE 4 की परीक्षा के लिए आवेदन दे सकते हैं।
लेकिन यही सब से बड़ा पेच हैं यहां ये समझने की जरूरत है कि आप 85 प्रतिशत में आयेंगे या 15 प्रतिशत में। क्यूंकि पिछले शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में झारखंड और उत्तरप्रदेश से बहुत से लोगों की बिहार में शिक्षक के तौर पर नियुक्ति हो गई। बिहार के अभ्यर्थियों के विरोध के बाद डोमिसाइल नीति लागू की गई। इसके अनुसार अगर आप बिहार के निवासी नहीं है तो आप 15 प्रतिशत में हैं। और अगर आपने मैट्रिक और इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई बिहार के बाहर किसी अन्य राज्य या देश से उत्तीर्ण की हैं और बिहार के निवासी है फिर भी आप 15 प्रतिशत के दायरे में ही आयेंगे। 85 प्रतिशत के दायरे में वही आयेंगे जो बिहार के निवासी हों और बिहार के स्कूलों से ही मैट्रिक और इंटर तक की परीक्षा में उत्तीर्ण हों।








