मनरेगा के नाम बदलने के खिलाफ मजदूरों का धरना प्रदर्शन

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मनरेगा के नाम बदलने के खिलाफ मजदूरों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जनविकास शक्ति संगठन के बैनर तले मुजफ्फरपुर समाहरणालय के समीप जारी है। मनरेगा के नाम बदलने से सबसे ज्यादा महिलाएं ही गुस्से में दिखाई दे रही हैं। इस धरना प्रदर्शन में सबसे ज्यादा महिलाएं ही नजर आईं।

इन मजदूरों का कहना था कि पहले जब 100 दिनों का काम मिलना था तब भी साल में 50 दिन से ज्यादा कभी भी किसी मनरेगा मजदूर को काम नहीं मिला। और काम मिला भी तो कभी भी समय पर मजदूरी नहीं मिली। कुढ़नी प्रखंड की रहने वाली पिंकी कुमारी ने कहा कि मनरेगा के तहत तो काम मिलता नहीं था और अब VB-G RAM G नाम बदलकर हमें क्या मिल जाएगा। इनका कहना था कि अगर नाम बदला तो मजदूरी भी तो 800 रुपए कर देते। जिसे इन्होंने महंगाई से जोड़ दिया।

वहीं धनंजय कुमार सिन्हा ने तो मनरेगा को गांधी जी और राम जी से जोड़ते हुए थोड़ा आध्यात्मिक प्रसंग बना दिया जिसका पूरा व्याख्यान आपको khabarjindagi के youtube channel पर देखने और सुनने को मिलेगा।   धनंजय कुमार सिन्हा का कहना था कि 125 दिनों के काम में शायद ही किसी को 50 दिन या अधिक का काम मिलता होगा। इन्होंने मनरेगा को अडानी से जोड़ते हुए कहा कि भागलपुर में अडानी को 1 रुपए एकड़ जमीन दी गई है तो फुटपाथ पर सोने वाले को जमीन देते तो वो सरकार को 1 एकड़ के 1000रुपए देता।

आपको बता दें कि VB-G RAM G दोनों सदनों से पास होने के बाद राष्ट्रपति जी के हस्ताक्षर के बाद अब वो भारत का कानून बन चुका है। जिसने मनरेगा का जगह लिया है जिसके तहत मजदूरों को अब 100 दिन के बदले 125 दिनों का काम मिलना सुनिश्चित हुआ है।

Sandeepak Kumar
Author: Sandeepak Kumar

संदीपक कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 साल से अधिक का अनुभव। ई टीवी से कैरियर की शुरुआत की। महुआ, कशिश न्यूज़,न्यूज 29 जैसे चैनल में बतौर पैनल प्रोड्यूसर और पीसीआर हेड के तौर पर काम किया। रायपुर आईबीसी 24, चंडीगढ़ न्यूज 18 में सीनियर प्रोड्यूसर कार्यरत रहे। कंटेंट डिजायनर के साथ ही स्क्रिप्ट राइटिंग, पैनलिंग और डिजिटल में कार्य का भी अनुभव रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें