भारत सरकार भारत के नागरिकों को “कौशल भारत कुशल भारत” के तहत स्किल्ड करने के लिए कई सारी योजनाएं चला रही है, जिससे हुनरमंद होकर अपनी जीविका चला सकें। साथ ही सरकार हुनरमंद हाथों को मात्र 5 प्रतिशत की ब्याज दर पर 3 लाख रुपए तक का लोन प्रदान कर रही है।
हम यहां बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की, जिसके तहत 3 लाख तक का लोन मात्र 5 प्रतिशत स्थिर की ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है जो लाभार्थी को 2 किस्तों में उपलब्ध करवाया जाता है। इस योजना का लाभ पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार ले सकते हैं, जो हाथ से काम करते हैं। इस लोन की राशि 2 किस्तों में पहली बार में 1 लाख और दूसरी बार में 2 लाख की किस्त जारी की जाती है।
लोन लेने की पात्रता
भारत के वैसे नागरिक जो 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के हों, भारत के निवासी हों, असंगठित क्षेत्र में काम करते हों और पिछले 5 सालों में भारत सरकार या राज्य सरकार के किसी भी लोन आधारित अन्य योजना जैसे कि PMEGP (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम), प्रधानमंत्री स्वनिधि या मुद्रा जैसे किसी अन्य समान सरकारी लोन योजना का लाभ न लिया हो।
व्यवसाय: कारीगर या शिल्पकार होना चाहिए जो पारंपरिक रूप से हाथ और औजारों से काम करता हो।
असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के आधार पर काम करना चाहिए।
पारिवारिक सीमा: परिवार का केवल एक सदस्य ही इस योजना के लिए पंजीकरण और लाभ प्राप्त कर सकता है। यहां परिवार का मतलब है पति, पत्नी और अविवाहित बेटा या बेटी
यह योजना 18 पारंपरिक व्यवसायों को कवर करती है, जिनमें बढ़ई, नाव बनाने वाले, लोहार, मूर्तिकार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले, गुड़िया और खिलौने बनाने वाले, नाई, माला बनाने वाले, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले शामिल हैं।
कैसे आवेदन करें:
आप पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर जाकर या सामान्य सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का उपयोग करके ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
योजना के लाभ:
कौशल उन्नयन प्रशिक्षण (Skill Upgradation Training)।
बेहतर टूलकिट खरीदने के लिए ₹15,000 तक का प्रोत्साहन।
पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड।
डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन: जिसके तहत महीने के 100 डिजिटल भुगतान पर 1 रुपए तक का प्रोत्साहन राशि मिलता है
विपणन और ब्रांडिंग सहायता।








