बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी आजीविका एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजना जीविका द्वारा संचालित ‘दीदी की रसोई’ का विस्तार मुजफ्फरपुर जिले में किया जा रहा है।
“दीदी की रसोई” की नई शाखाओं को शुरू करने तथा उसका प्रबंधन एवं संचालन करने के लिए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक बैठक की गई। बैठक में जीविका टीम को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी करते हुए जनवरी माह में दोनों स्थानों पर रसोई का संचालन प्रारंभ किया जाए, ताकि आमजन को बेहतर सुविधा मिल सके।
गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर जिले में कुल 12 “दीदी की रसोई” कार्यरत हैं। इनमें 161 जीविका दीदियों के साथ-साथ 37 अन्य सहयोगी स्टाफ को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है। इन रसोईयों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 2758 उपभोक्ता जलपान ग्रहण कर रहे हैं, जो इस योजना की लोकप्रियता और उपयोगिता को दर्शाता है। दीदी की रसोई जीविका की एक शुल्क आधारित जलपान व्यवस्था है।
जिले में संचालित दीदी की रसोई में से आठ मुसहरी प्रखंड, एक सरैया प्रखंड तथा तीन बोचहा प्रखंड में स्थित है। उनमें जिला अस्पताल संस्थागत बैग क्लस्टर, रजिस्ट्री ऑफिस, बालक आवासीय विद्यालय पोखरैरा, गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल रजवाड़ा, गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल मुरौल, गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल बोचहा, एसकेएमसीएच, पुलिस लाइन, BSAP-6 पुलिस लाइन, ओल्ड एज होम तथा कर्पूरी भोजनालय प्रमुख हैं।
इसके अंतर्गत जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं स्वयं भोजन तैयार कर उसकी बिक्री करती हैं। सुब्रत कुमार सेन ने बैठक के दौरान कहा कि दीदी की रसोई जैसी योजनाएं महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कल्याण और रोजगार के साधन का बेहतरीन उदाहरण हैं।
इसी कड़ी में नये वर्ष 2026 के जनवरी माह में जिले में दीदी की रसोई की दो नई शाखाओं की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए समाहरणालय परिसर एवं कंबाइंड बिल्डिंग में स्थल का चयन कर लिया गया है। इन दोनों स्थानों पर रसोई के संचालन से सरकारी कार्यों के लिए आने वाले आम नागरिकों, कर्मचारियों को सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण जलपान की सुविधा उपलब्ध होगी।








