जहां चुनाव आयोग के एक कार्यक्रम SIR (Special Intensive Revision) से राजनीतिक दलों के बीच तलवारें खींची हुई है। सारा विपक्ष सत्ताधारी दल पर लगातार हमला बोल रहा है वहीं SIR(विशेष गहन पुनरीक्षण) ने 22 सालों बाद एक खोया परिवार मिलाया।
यहां बात हो रही है मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की, जहां 22 साल पहले एक बेटा गुस्से में अपना घर छोड़ का चला गया था। लेकिन बूढ़ी होती मां की आंखों को भरोसा जरूर था कि एक न एक दिन उसका बेटा उसे जरूर मिलेगा। और इस मां के भरोसे को चुनाव आयोग की मतदाता सूची को अपडेट करने के SIR अभियान ने पूरा कर दिया।
22 साल पहले ढ़ाकरिया मोहल्ला, खिलचीपुर जिला मंदसौर का रहने वाला विनोद गायरी ने अपनी पसंद की लड़की से शादी कर ली। यह बात विनोद के मातापिता को नागवार लगा, जिसके बाद वह घर छोड़ कर चल गया। लेकिन मां की आस बेटे के मिलने से बंधी रही।
अब आपको बताते हैं कि यह संभव कैसे हुआ। घर छोड़ने के बाद विनोद राजस्थान के नागौर में जाकर रहने लगा। विनोद ने जब SIR प्रक्रिया के तहत अपना नाम मतदाता सूची में सत्यापित कराने की कोशिश की जिसमें इसके लिए उसे अपने मातापिता के मतदाता पहचान पत्र की जरूरत पड़ी। जिसके बाद उसने अपने गांव की ग्राम पंचायत से संपर्क कर अपने मातापिता की EPIK नंबर जानने की इच्छा व्यक्त की। यह बात विनोद की मां तक पहुंच गई। इसके बाद विनोद की मां मंदसौर के नई आबादी थाने पहुंची और पुलिस को आवेदन देकर अपने बेटे से मिलवाने की विनती की।
मां के ममत्व को देखते हुए नई आबादी थाना प्रभारी ने सब इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। इस टीम ने ग्राम पंचायत और तहसील निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर विनोद के बारे में जानकारी ली, जहां उसका वर्तमान का पता ठिकाना भी मिल गया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विनोद से मुलाकात की जो अभी राजस्थान के नागौर में रह रहा था। इसके बाद पुलिस ने विनोद को समझाया और उसे परिवार समेत मंदसौर आने को मना लिया।
विनोद परिवार सहित अपने घर आता है। अब आप समझ सकते है कि घर लौटने के बाद मां से लिपटते ही उस मां की पथराई और सुखी आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली। विनोद की भी आँखें भर आई थी। विनोद ने बताया कि शादी के बाद विरोध के कारण वह राजस्थान के नागौर में जाकर एक स्कूल में चपरासी की नौकरी करने लगा था। उसके दो बच्चे हैं एक लड़का और एक लड़की, लड़के की भी शादी हो चुकी है।
