समस्तीपुर मंडल के रेल कर्मचारियों से स्थानांतरण में उनके मनमुताबिक जगहों पर ट्रांसफर मिला। लेकिन सोनपुर मंडल के रेलकर्मियों के साथ असमानता का व्यवहार करते हुए उन्हें बिना विकल्प के ट्रांसफर कर दिया। जिसके बाद से सोनपुर मंडल के लगभग 400 कर्मचारी धरना पर बैठे हुए हैं। इनलोगों की मुख्य मांग है कि जो बरौनी और मानसी लॉबी में ट्रांसफर किया गया है उसे रद्द कर वापस मुजफ्फरपुर लॉबी में लाया जाए।
असल में इनलोगों के धरना की मुख्य वजह कर्पूरीग्राम खंड को समस्तीपुर डिवीजन में करना था जो पहले सोनपुर डिवीजन में था। इसके कारण लगभग 2300 कर्मचारी प्रभावित हुए। जिनमें से लगभग1800 कर्मचारियों को यह विकल्प दिया गया कि वो किस डिवीजन में रहना चाहते हैं। वहीं रनिंग कर्मचारियों जिसमें लोकोपायलट, सहायक लोकोपायलट एवं गार्ड को विकल्प चुनने से वंचित कर दिया गया और 19 और 20 दिसंबर को स्थानांतरण कर तत्काल प्रभाव से विरमित भी कर दिया गया।
मधुप राज, ट्रेन मैनेजर के मुताबिक अब इनलोगों के साथ ये परेशानी है कि इन कर्मचारियों में से कई लोग अपनी वरीयता और इंक्रीमेंट को छोड़कर सोनपुर मंडल में आए थे। अब जबकि इन सब का अन्यत्र ट्रांसफर हो गया है तो परेशानी परिवार के साथ भी आ चुकी है कि ये सब लोग इस्टैब्लिश हो गए फिर एक दम से स्थानांतरण और पोस्टिंग के जगह पर योगदान देने का आदेश को शोषण के तौर पर देखा जा रहा है।








