मुजफ्फरपुर के कांटी रेलवे स्टेशन का रैक प्वाइंट एक दम से सुर्खियों में आ गया, जब विकास कुमार को पुलिस ने पकड़ा। विकास की कड़ाई से पूछताछ में जो उसने कबूला उससे 8 साल पहले की यादें ताजा हो गई। आठ साल पहले धर्मेंद्र यादव की हत्या इसी रैक प्वाइंट पर वर्चस्व के लिए की गई थी।
कांटी थाना के एसआई के जांच प्रतिवेदन में इस बात का खुलासा हुआ है कांटी में रेलवे के रैक प्वाइंट पर वर्चस्व व रंगदारी के लिए फिर से हत्या को अंजाम दिया जा सकता है। कांटी रैक प्वाइंट पर स्टोन चिप्स रेलवे से उतरता है। यहां उतरने वाले स्टोन चिप्स की ढुलाई के लिए रैक प्वाइंट पर कब्जे का खेल होने वाला है। यह पुलिस ने अपने जांच में कही है।
दरअसल कुछ दिन पूर्व कांटी रैक प्वाइंट पर अपना वर्चस्व रखने वाले मुरारी झा ने अपनी जान पर खतरा होने का एक आवेदन कांटी पुलिस को दिया था। आवेदन में इसके पीछे की वजह पूर्व में हमले को आधार बनाया था। जिसमें कहा गया था कि कुछ दिन पहले मुजफ्फरपुर से लौटने के क्रम में एक अज्ञात वाहन ने उसके वाहन को टक्कर मारने की कोशिश की थी जिसमें उसका एक पैर टूट गया था। किसी तरह से जान बचाकर वह अस्पताल पहुंचा जहां उसका इलाज किया गया।
बहताल इसके बाद पुलिस ने गोपनीय रूप से जांच शुरू की। इसी जांच के दरम्यान विकास कुमार नाम का व्यक्ति पुलिस के हत्थे चढ़ा। जिससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने कबूला कि राजा झा के कहने वह मुरारी झा की हत्या के लिए रेकी कर रहा था। मुरारी की हत्या करने के बाद रैक प्वाइंट पर कब्जा किया जाता। यह बातें पुलिस की जांच में सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। जिसमें मुरारी झा के प्रतिद्वंदी राजा झा और उसके तीन शूटर को नामजद आरोपित बनाया गया है।
कांटी थाना के एसआई कुमार गौरव श्रीवास्तव ने कांटी रैक प्वाइंट पर वर्चस्व को लेकर टसल की जांच की। इनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर कांटी थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। इसमें दारोगा ने कहा है कि स्थानीय लोगों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि मुरारी झा कांटी में रेलवे के रैक प्वाइंट पर गिट्टी का अनलोडिंग व लोडिंग कार्य कराते हैं। मुरारी झा के ही ग्रामीण राजा झा व इनसे जुड़े कई लोग भी इसी रैक प्वाइंट पर अपना एकाधिकार व वर्चस्व रखना चाहते हैं। राजा झा आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति है जो पूर्व में जेल भी जा चुका है। इनके द्वारा लगातार रैक प्वाइंट पर दबाव बनाया जा रहा है।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि रैक प्वाइंट पर वर्चस्व को लेकर आठ साल पहले धर्मेंद्र यादव की हत्या की गई थी। अभी मुरारी झा की रेकी की जा रही है। बीते पांच जनवरी को कांटी के कुशी स्टेशन टोला निवासी हिस्ट्री शीटर विकास कुमार उर्फ भौकाल को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसने अपने कबूलनामे में भी बताया है कि राजा झा ने उसे मुरारी झा की गोली मारकर हत्या के लिए तीन लाख रुपये की सुपारी दी है। उसने जेल से हाल ही में छूटे सुपारी शूटर अहियापुर के शिवराहा वासुदेव गांव निवासी संतोष कुमार और पारू थाना के ग्यासपुर निवासी कृष्णा सिंह को बुलवाया। उन दोनों को 80 हजार रुपये दिया गया। मुरारी झा की हत्या के लिए विकास रेकी कर रहा था इसी दौरान वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। विकास के धराते उसके दोनों शूटर पिस्टल लेकर कांटी से भाग निकले।








