सरस्वती पूजा में डीजे बजाने वाले को जेल की हवा खानी पड़ेगी। 23 जनवरी को सरस्वती पूजा के अवसर पर शांति, सौहार्द एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
मुजफ्फरपुर में डीएम सुब्रत कुमार सेन ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे कड़ाई से इसका पालन कराएंगे। डीएम ने थानावार मूर्ति स्थापन की संख्या, जुलूस, मूर्ति विसर्जन, डीजे पर प्रतिबंध, सोशल मीडिया की निगरानी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरस्वती पूजा आस्था और संस्कृति से जुड़ा पर्व है, जिसे आपसी भाईचारे एवं शांति के साथ मनाया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अफवाह या उपद्रव को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और क्षेत्र में सतत निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया। डीएम ने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी थानों में रविवार तक थानावार शांति समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित कराई जाए। इन बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पूजा समिति के सदस्य एवं समाज के प्रबुद्ध लोगों को शामिल कर आवश्यक दिशा-निर्देशों से अवगत कराया जाए। साथ ही प्रत्येक थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थापित होने वाली मूर्तियों की सूची तैयार कर नियमानुसार लाइसेंस देने का निर्देश दिया गया।
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर जिला पदाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। थाना क्षेत्र अंतर्गत सभी डीजे को पूर्व में ही जब्त करने तथा प्रतिबंध संबंधी आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया, ताकि आम नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण एवं अव्यवस्था से परेशानी न हो। अश्लील एवं भड़काऊ गानों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निर्धारित रूट से निलेगा जुलूस
जुलूस एवं मूर्ति विसर्जन को लेकर डीएम ने कहा कि सभी जुलूस निर्धारित रूट लाइन से ही निकलेंगे। थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि जुलूस के मार्ग का पूर्व सत्यापन करें तथा जुलूस के साथ पर्याप्त पुलिस बल की एस्कॉर्ट व्यवस्था सुनिश्चित करें। मूर्ति विसर्जन केवल चिन्हित एवं कृत्रिम तालाबों में ही कराया जाएगा। किसी भी नदी, पोखर या असुरक्षित स्थान पर विसर्जन की अनुमति नहीं होगी।
