क्या लालू प्रसाद यादव राष्ट्रीय जनता दल में युवा चेहरा को कमान देना चाह रहे हैं। क्या 28 सालों बाद लालू प्रसाद का राजद में दबदबा कम हो जाएगा! जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार राजद अब नए प्रयोग और अवधारणा की तरफ बढ़ रहा है! लालू की पार्टी अब युवा हाथों में जाने की तैयारी कर रही है।
तेजस्वी यादव को राजद का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक आगामी 25 जनवरी को कार्यकारिणी की बैठक में इसका ऐलान हो सकता है। राजद में तेजस्वी अभी लालू प्रसाद यादव के बाद दूसरे नंबर पर आते हैं। 2020 के बाद पार्टी के सारे काम चाहे वो नीति निर्धारण का रहा हो या कोई निर्णय लेना हो सारा फैसला तेजस्वी के द्वारा ही किया जाता है।
दरअसल 2020 के बाद जब लालू यादव की तबियत खराब हुई और किडनी ट्रांसप्लांट के लिए देश से बाहर सिंगापुर जाना पड़ा। उस समय से ही लालू यादव ने तेजस्वी के हाथों में सारा पावर सौंप दिया था। 2025 के विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण का काम खुद तेजस्वी यादव के निर्देशन में हुआ था। तो अब क्योंकि लालू की तबियत ठीक रहती नहीं है, 2025 के चुनाव में भी उनकी सक्रियता बहुत दिखी नहीं। इस स्थिति में कार्यकारिणी की 25 जनवरी की बैठक में इसकी प्रबल संभावना दिखती है कि कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर तेजस्वी का मनोनयन हो सकता है।
5 जुलाई 1997 में जनता दल से अलग होकर लालू प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय जनता दल का गठन किया था। तब से अब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ही रहे। लेकिन क्यूंकि सेहत अब पहले जैसा नहीं है। और वो ऊर्जा भी नहीं तो शायद यह कारण और संभावना दोनों हो सकता है कि 25 जनवरी को कार्यकारिणी के सदस्य तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर मनोनीत कर दे। प्रदेश प्रवक्ता बंटू सिंह के अनुसार उन्हें अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है। बैठक के बाद ही कुछ कहने की स्थिति में होंगे










