मुज़फ़्फ़रपुर आकृति स्पेस में आकृति रंग संस्थान द्वारा ‘आनंद में विनोद’ नाटक का रविवार को सफलतापूर्वक मंचन हुआ। यह नाटक प्रसिद्ध साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल एवं निदा फाजली के साहित्य से प्रेरित एक कोलाज शैली का नाट्य प्रयोग था, जिसमें शब्द, दृश्य, भाव और लय का बेजोर संगम दिखा।
नाटक का निर्देशन सुनील फेकानिया ने किया। इनके सधे हुए संवेदनशील निर्देशन में मंच पर दृश्य संयोजन, अभिनय, अभिनेताओं की संवाद अदायगी और भाव भंगिमाओं ने दर्शकों को पूरे समय बांधे रखने में सफल रहीं। ‘आनंद में विनोद’ न केवल एक नाट्य प्रस्तुति थी, बल्कि यह साहित्य और रंगमंच के संवाद का एक सशक्त उदाहरण भी रही। दर्शकों ने इस नाटक को खूब पसंद किया और तालियों के साथ कलाकारों व निर्देशक के प्रयासों की प्रशंसा की।
इस प्रस्तुति में कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों को पूरे समर्पण और ईमानदारी के साथ निभाया। सत्यजीत बर्मन, संचय रमन, ऋतिक बर्मन, विवेक, मिहिर मनीष भारती, प्रियांशु परमार, कृति भक्त, प्रतिभा रानी, मीनाक्षी, शीतल रानी और रिचा प्रजापति ने अपने अभिनय से नाटक को जीवंत बना दिया। सभी कलाकारों का सामूहिक अभिनय, संवादों के लय और मंच पर उनकी उपस्थिति दर्शकों द्वारा विशेष रूप से सराही गई।
आकृति रंग संस्थान की यह प्रस्तुति मुज़फ़्फ़रपुर के रंगमंच पर एक यादगार आयोजन के रूप में लंबे समय तक जानी जाएगी।










