ममता बनर्जी 2 फरवरी को कुछ विधायकों और 13 परिवारों को लेकर चुनाव आयोग पहुंची। बंगाल में SIR को लेकर मामला पहले से गर्म है। और यही गर्मी लिए आज वो मुख्य चुनाव आयुक्त से मिली।
बंगाल में इसी साल विधानसभा का चुनाव होना है। बीजेपी जहां बिहार की जीत से दोगुने ऊर्जा के साथ चुनाव लड़ने की बात कर रही है, वही ममता बनर्जी चुनाव के पहले राहुल गांधी की तरह ही आक्रामक दिख रही हैं।यहां आपको बिहार से संबंधित एक जानकारी देना चाहते हैं कि बिहार से ही SIR के वक्त राहुल गांधी ने वोटचोरी का मुद्दा उठाया था। और यह नारा बिहार से भारत के अन्य राज्यों तक पहुंचा।
बिहार से बंगाल पहुंचे वोटचोरी पर अब ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला है। चुनाव आयुक्त से मुलाकात के दौरान भी ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से हटाए गए लगभग 58 लाख वोटरों के नाम काटने पर आपत्ति जताई। इसी बैठक में ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष सवाल रखा था। चुनाव आयोग के अधिकारी के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ने जवाब देना शुरू किया तो ममता बनर्जी बीच मीटिंग से बाहर आ गईं और मीडिया के सामने चुनाव आयोग को बीजेपी और सरकार का दलाल तक बता दिया।
ममता बनर्जी का कहना था कि SIR के कारण बहुत सारे परिवार से आत्महत्याएं हुई है, इसका जवाबदेह पूरा का पूरा चुनाव आयोग है। बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता ने झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाए, दुर्व्यवहार किया और बदसलूकी की तथा बीच में ही बैठक छोर निकल गई। बाहर उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को अहंकारी और झूठा होने का आरोप लगाया।
चुनाव आयोग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के सदस्यों पर दबाव बनाने के लिया उन्हें डराया धमकाया जा रहा है। साथ ही टीएमसी के कार्यकर्ताओं और विधायकों द्वारा ईऑरओ कार्यालयों में तोड़ फोड़ की घटनाएं भी हुई है।










