घाटशिला: घाटशिला अनुमंडल में भीषण गर्मी के बीच पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। जल समस्या से त्रस्त होकर महिलाओं ने घाटशिला प्रखंड कार्यालय परिसर में धरना दिया। इस दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तिया लेकर प्रदर्शन किया और प्रखंड प्रशासन विरोधी नारे लगाए।
उमेश कांत गिरि ब्यूरो प्रमुख घाटशिला झारखंड

घाटशिला अनुमंडल भीषण गर्मी के बीच जल की समस्या से जूझ रहा है। कई चापाकल खराब पड़े हुए हैं, कई चापाकल गर्मी की वजह से सुख गए हैं। प्रशासन के द्वारा अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई जिसके बाद वहां की महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। पानी की समस्या को लेकर महिलाएं झुंड में घर से निकल प्रखंड कार्यालय पहुंची, कहा उन्होंने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन भी घाटशिला पंचायत वासियों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौपा।
प्रदर्शनकारी लोगों ने बताया कि चालकडीह गांव में पानी की भारी समस्या है। कई चापाकल पहले से खराब पड़े हैं जिन्हें बनाया तक नहीं गया। गर्मी आते ही चापाकल सुख गए। चारों तरफ पानी क लिए हाहाकार मचा हुआ है। सरकार की नल जल योजना दम तोड़ चुका है। यहां के निवासियों की आवश्यकता को देखते हुए 20,000 लीटर क्षमता की जल टंकी की तत्काल स्थापना करने की बात इन प्रदर्शनकारियों ने कही।

इन प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन देकर कहा कि दाहीगोड़ा से आने वाली जलापूर्ति राजस्टेट, चालकडीह, बाबूपाडा एवं अन्य कई क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रही है. जिससे लोगों को पीने तथा खाना पकाने का पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अतः इसकी तत्काल जांच कर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अमाईनगर क्षेत्र में पेयजल संकट को देखते हुए 2 नए चापाकलों की स्थापना अत्यंत आवश्यक है।
चालकडीह के (माझीकुली) बेहरापाड़ा क्षेत्र में भी गंभीर जल संकट है, इसलिए वहां 2 नए चापाकलों की स्थापना की जाए।
पंचायत क्षेत्र में नियुक्त 2 जलसहियाओं द्वारा कोई संतोषजनक कार्य नहीं किया जा रहा है. जिससे आम जनता को राहत नहीं मिल पा रही है। अतः जनहित में उन्हें तत्काल कार्यवाही करते हुए जल सहियां पद से हटाकर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इस मांग पत्र की प्रतिलिपि जल स्वच्छता विभाग, झारखण्ड सरकार और घाटशिला विधायक को भी प्रेषित की गई है. इस दौरान उपमुखिया शंकर बेहरा, व सुषमा भगत भी मौजूद रहे.










