Muzaffarpur: कुढ़नी के उमाशंकर अफ्रीका में बंधक; केंद्रीय मंत्री डॉ.राज भूषण चौधरी ने विदेश मंत्रालय से की हस्तक्षेप की मांग

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उमाशंकर से ₹60 हजार की नौकरी के नाम पर पश्चिमी अफ्रीका के सेनेगल में धोखा..  फरवरी 2027 में है बेटी की शादी

मुजफ्फरपुर/नई दिल्ली (खबर जिन्दगी): विदेश में अच्छी नौकरी और बेहतर कमाई का सपना लेकर पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल गए मुजफ्फरपुर के एक युवक उमाशंकर के कथित तौर पर बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी मिलते ही स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री राज भूषण चौधरी ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

परिवार के मुताबिक, उमाशंकर को विदेश जाने से पहले  60 हजार भारतीय रुपया प्रतिमाह वेतन दिए जाने की बात की गई थी। लेकिन सेनेगल पहुंचने के बाद कथित तौर पर उनसे 30 हजार वेतन का एग्रीमेंट कराया गया। इसके बाद परिस्थितियां उनके लिए और मुश्किल होती चली गईं।

नौकरी की तलाश में गए विदेश, अब घर लौटने की जद्दोजहद

उमाशंकर 17 मई 2026 को रोजगार के सिलसिले में सेनेगल पहुंचे थे। आवेदन में बताया गया है कि वह डकार स्थित JAI LAXMI S.A.R.L. में काम कर रहे हैं। 19 मई से हेचरी में उनसे लगातार 12-12 घंटे काम कराया जा रहा है। कोई साप्ताहिक छुट्टी तक नहीं दी जा रही है, इसके कारण उनकी तबियत भी खराब हो चुकी है इसके बावजूद उनसे काम कराया जा रहा है। उमाशंकर का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने उनका पासपोर्ट और वीजा अपने पास रख लिया है। वह कई बार भारत वापस जाने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन उन्हें जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

12 घंटे काम और तबीयत खराब होने पर भी ड्यूटी का आरोप

परिवार से हुई बातचीत में उमाशंकर ने कथित तौर पर बताया कि उनसे रोज करीब 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य खराब रहने के बावजूद काम करने का दबाव बनाया जाता है। साथही खाने-पीने की व्यवस्था ठीक नहीं होने और परिवार से फोन पर बात करने की भी मनाही है। परिवार का कहना है कि उमाशंकर किसी तरह छिपकर उनसे संपर्क कर पा रहे हैं।

घर लौटने की की बात पर मारपीट और जेल की धमकी

उमाशंकर के परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, इतनी सारी यातना देने पर उन्होंने घर वापस लौटने की बात कही तो उनके साथ मारपीट की गई और जेल भेजने की धमकी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में संबंधित कंपनी या सेनेगल के स्थानीय अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

फरवरी 2027 में होनी है बेटी की शादी

उमाशंकर के परिवार के लिए संकट सिर्फ विदेश में रोजगार से जुड़ी परेशानी ही नहीं है, बल्कि उनकी बेटी की शादी अगले वर्ष फरवरी में होनी है और उमाशंकर परिवार के प्रमुख कमाऊ सदस्य हैं। पति की स्थिति से चिंतित पत्नी चांदनी देवी ने केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री एवं मुजफ्फरपुर सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी तथा विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की गुहार लगाई।

सांसद ने विदेश मंत्रालय से किया हस्तक्षेप का आग्रह

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नई दिल्ली में 9 सितंबर को केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी को उमाशंकर के परिवार की तरफ से एक याचना पत्र मिला, जिसमें उसके बारे में उपरोक्त कठिनाइयों का जिक्र था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. चौधरी ने तुरंत ही विदेश मंत्रालय को एक पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया। उन्होंने उमाशंकर कुमार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसे सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। समाचार लिखे जाने के वक्त विदेश मंत्रालय की तरफ से डॉ. चौधरी को इस मामले को लाने के लिए धन्यवाद प्रेषित किया है। साथही इस बात का भी भरोसा दिलाया है कि विदेश मंत्रालय पश्चिमी अफ्रीका के दूतावास को पत्र भेज कर जल्द ही इस मामले का निराकरण कराने की कोशिश करेगा।

मुजफ्फरपुर में उमाशंकर के परिवार की नजर अब सरकार की कार्रवाई पर टिकी है। पत्नी और बेटी को उम्मीद है कि विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन मामले में तत्काल हस्तक्षेप करेंगे और जल्द ही उमाशंकर कुमार को सुरक्षित भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू होगी। जिससे वह अपनी सामाजिक जिम्मेदारी बेटी की शादी में परिवार के साथ सम्मिलित हो सकें।

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