मुजफ्फरपुर: रंजन कुमार का India-Japan LOTUS Fellowship के लिए हुआ चयन, जापान में करेंगे वैज्ञानिक शोध

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मुजफ्फरपुर/वाराणसी: मुजफ्फरपुर के देवरिया क्षेत्र निवासी युवा शोधार्थी रंजन कुमार का प्रतिष्ठित India-Japan Circulation of Talented Young Researchers in Science (LOTUS) Fellowship 2026 के लिए चयन हुआ है। इस फेलोशिप के तहत उन्हें जापान की Tohoku University में करीब एक वर्ष तक उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान करने का अवसर मिलेगा।

रंजन कुमार व्यवसायी नरेंद्र तिवारी और रेणु देवी के पुत्र हैं। वह वर्तमान में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी के Institute of Science के Department of Physics से जुड़े शोधार्थी हैं।

Tohoku University में करेंगे विकिरण पहचान पर शोध

LOTUS Fellowship के तहत रंजन कुमार जापान के Tohoku University स्थित New Industry Creation Hatchery Center (NICHe) में प्रो. Kei Kamada के मार्गदर्शन में शोध करेंगे।

उनकी प्रस्तावित शोध परियोजना का विषय “Rare-Earth Doped Eutectic Phosphor and Tellurite Glass Scintillator Materials for Radiation Imaging and Neutron Detection Applications” है।

इस शोध में ऐसे उन्नत पदार्थों के विकास और उनके प्रकाशीय गुणों का अध्ययन किया जाएगा, जिनका भविष्य में Radiation Imaging, Neutron Detection और Photonic Technologies जैसे क्षेत्रों में उपयोग हो सकता है। शोध का संबंध चिकित्सा इमेजिंग, परमाणु विज्ञान, विकिरण पहचान और सुरक्षा तकनीकों से जुड़े संभावित अनुप्रयोगों से भी है।

Rare-Earth आधारित पदार्थों पर शोध

रंजन कुमार का शोध मुख्य रूप से Rare-Earth ion doped luminescent materials, phosphors, glasses और thin films के विकास तथा उनके प्रकाशीय गुणों के अध्ययन पर केंद्रित है।

उन्होंने Near-Infrared (NIR) luminescence से संबंधित कई शोध-पत्र अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित किए हैं। इसके अलावा वह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और कार्यशालाओं में अपने शोध कार्य प्रस्तुत कर चुके हैं। उनके शोध कार्य को एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध प्रस्तुति के लिए पुरस्कार भी मिल चुका है।

उनके शोध में Photoluminescence, Upconversion, Downconversion, Quantum Cutting, Near-Infrared luminescence और Optical Temperature Sensing जैसे विषय शामिल हैं।

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Zinc Tellurite glass पर भी किया शोध

रंजन कुमार के शोध कार्यों में Er³⁺/Yb³⁺ co-doped Zinc Tellurite (TEZ) glass पर किया गया अध्ययन भी शामिल है। यह शोध Journal of Alloys and Compounds में प्रकाशित हुआ है।

अध्ययन में इस ग्लास के UV–Vis–NIR absorption, optical bandgap और Judd–Ofelt parameters सहित कई प्रकाशीय गुणों का विश्लेषण किया गया। शोध में करीब 1538 nm पर NIR emission तथा अन्य प्रकाशीय प्रभावों का अध्ययन किया गया।

शोधकर्ताओं के अनुसार, Er³⁺ और Yb³⁺ के बीच ऊर्जा स्थानांतरण के अध्ययन में 120 प्रतिशत तक quantum cutting efficiency दर्ज की गई। इसके अलावा 980 nm excitation पर upconversion emission और optical temperature sensing से जुड़े गुणों का भी परीक्षण किया गया।

शोध में बताया गया है कि ऐसी सामग्री भविष्य में photonic devices, optical sensors और photovoltaic से जुड़े संभावित अनुप्रयोगों के लिए उपयोगी हो सकती है। हालांकि, इन संभावित अनुप्रयोगों के लिए आगे और अनुसंधान एवं तकनीकी परीक्षण की आवश्यकता होगी।

अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुए शोध

रंजन कुमार के शोध कार्य Journal of Optical Materials, Ceramics International और Journal of Molecular Liquids सहित कई अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।

वह विभिन्न अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलनों में भी अपने शोध प्रस्तुत कर चुके हैं। एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उनके शोध को सर्वश्रेष्ठ शोध प्रस्तुति के लिए प्रथम पुरस्कार मिलने की जानकारी दी गई है। उनके शोध कार्यों को CSIR-UGC और Institute of Eminence (IoE), BHU से प्राप्त शोध सहयोग और वित्तीय सहायता भी मिली है।

रंजन ने माता-पिता और गुरुजनों को दिया श्रेय

LOTUS Fellowship के लिए चयन पर रंजन कुमार ने कहा कि जापान में शोध का अवसर उनके लिए विश्वस्तरीय वैज्ञानिकों और उन्नत प्रयोगशाला सुविधाओं के साथ काम करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शोध मार्गदर्शकों, गुरुजनों, सहयोगी वैज्ञानिकों और काशी हिंदू विश्वविद्यालय को दिया। उनके अनुसार, जापान में मिलने वाला शोध अनुभव भविष्य में Radiation Detection, Nuclear Instrumentation, Photonics और Advanced Functional Materials जैसे क्षेत्रों में काम करने में उपयोगी हो सकता है।

रंजन के गांव और जिले में खुशी की लहर

रंजन कुमार के चयन की जानकारी सामने आने के बाद देवरिया और मुजफ्फरपुर क्षेत्र के शिक्षकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी है। उनके दसवीं कक्षा के शिक्षक रघुनाथ साह ने कहा कि रंजन ने वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में मेहनत और निरंतर प्रयास के जरिए यह उपलब्धि हासिल की है।

LOTUS Fellowship के माध्यम से जापान में प्रस्तावित शोध रंजन कुमार के वैज्ञानिक करियर में एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। अब उनका शोध भारत-जापान वैज्ञानिक सहयोग के तहत उन्नत प्रकाशीय पदार्थों और विकिरण पहचान से जुड़ी तकनीकों पर केंद्रित रहेगा।

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