
फेल छात्रों का साल बचाने के लिए 15 दिन में फिर परीक्षा का मौका
पटना/खबर जिन्दगी: बिहार में मैट्रिक परीक्षा के परिणाम को लेकर राज्य सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मैट्रिक परीक्षा का परिणाम परीक्षा समाप्ति के सात दिनों के भीतर जारी करने का है।
शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान यह बातें कही है। उनका कहना है कि राज्य सरकार मैट्रिक परीक्षा को लेकर काफी संवेदनशील है। सरकार की मंशा है कि मैट्रिक की परीक्षा समाप्त होने के 7 दिनों के भीतर छात्रों को उनका रिजल्ट उन्हें मिल जाये जिससे उन्हें परिणाम के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
फेल छात्रों का 15 दिन में Re-Exam
इसके अलावा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मैट्रिक परीक्षा पर बोलते हुए कहा कि जो छात्र दुर्भाग्यवश फेल हो जाते हैं उन्हें भी एक और मौका दिया जाएगा। मुख्यमंत्री का कहना था कि फेल हुए छात्रों की दुबारा से परीक्षा रिजल्ट आने के 15 दिनों बाद ही कराने की कोशिश है, जिससे उनका साल न बर्बाद हो।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद मैट्रिक परीक्षा और रिजल्ट प्रक्रिया में संभावित बदलाव को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। यदि निर्धारित समय-सीमा के अनुसार परिणाम जारी करने की व्यवस्था लागू होती है, तो छात्रों को रिजल्ट के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सेंटर वार रिजल्ट जारी करने की योजना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार परीक्षा परिणाम जारी करने की प्रक्रिया को और तेज बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत नामांकित स्कूलों की बजाय सेंटर वार परीक्षा परिणाम जारी करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। सेंटर वार परिणाम कैसे जारी होगी अबतक इसपर सरकार की तरफ से कोई दिशानिर्देश नहीं जारी हुआ है। अब तक जो रिजल्ट जारी होता रहा है वह छात्रों के नामांकित स्कूलों पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था को बेहतर बनाकर परिणाम जल्द जारी करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे परीक्षा समाप्त होने के बाद मूल्यांकन और रिजल्ट तैयार करने में कम से कम समय लगे।
48 घंटे में रिजल्ट जारी करने की इच्छा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा तो 48 घंटे के भीतर मैट्रिक परीक्षा का परिणाम घोषित करने की है। हालांकि, इसके लिए परीक्षा संचालन, कॉपियों के मूल्यांकन, डेटा प्रोसेसिंग और परिणाम तैयार करने की पूरी व्यवस्था को अधिक तेज और प्रभावी बनाना होगा। ऐसी व्यवस्था लागू होने पर बिहार बोर्ड के परीक्षा परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
छात्रों के लिए क्या बदल सकता है?
सरकार की ओर से बताए गए इन लक्ष्यों को लागू किया जाता है तो मैट्रिक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए कई स्तरों पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इनमें परीक्षा परिणाम जल्दी जारी होना, सेंटर वार रिजल्ट की व्यवस्था और असफल विद्यार्थियों के लिए कम समय में दोबारा परीक्षा का अवसर प्रमुख हैं।
हालांकि, इन व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए परीक्षा संचालन और मूल्यांकन से जुड़ी विस्तृत प्रक्रिया तथा आधिकारिक दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। विद्यार्थियों को किसी भी अंतिम बदलाव के लिए बिहार बोर्ड या शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए।










