
दो बार कॉपियों के मूल्यांकन के बाद भी न निकला समाधान..एक सप्ताह का अल्टीमेटम..नहीं तो होगा आंदोलन
मुजफ्फरपुर। बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर छात्रों के रिजल्ट में गड़बड़ी और उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर मंगलवार को छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। स्नातकोत्तर सत्र 2024–26 और 2025–27 के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर में जुलूस निकालकर अपनी मांगें कुलपति को सौंपी।
प्रदर्शनकारी छात्र विश्वविद्यालय के धरना स्थल से एकजुट होकर प्रशासनिक भवन होते हुए कुलपति आवास तक पहुंचे। इस दौरान छात्रों ने रिजल्ट में सुधार, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की पारदर्शिता और छात्रसंघ चुनाव कराने सहित विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की।

मामला क्या है पहले ये समझिए..
दरअसल 2024-26 सेशन के फर्स्ट सेमेस्टर में 40 छात्रों को फेल कर दिया गया। इसके बाद छात्रों ने रिवैल्यूएशन के लिए विश्विद्यालय से आग्रह किया। जिसके बाद फिर से इन छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई। उसमें भी ये छात्र पास नहीं हो पाए।
ठीक यही स्थिति 2025-27 के सेशन का भी रहा जिसमें 40 से ज्यादा छात्रों को फर्स्ट सेमेस्टर में प्रोमोट कर पास करा दिया गया। इसमें भी उत्तर पुस्तिकाओं की दुबारा से चेकिंग की गई लेकिन कोई नतीजा अब तक नहीं निकल पाया। जिसके बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। और उन्होंने मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की मांग की है।

उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग
छात्रों की प्रमुख मांग है कि मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को 10 दिनों के भीतर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाए। इसमें छात्र रिजल्ट में हुई कथित गड़बड़ियों की स्थिति को स्पष्ट रूप से देखकर दुबारा मूल्यांकन के बाद पास होने के लिए आशान्वित हो सके।
छात्रों ने मांग की कि सत्र 2024–26 और 2025–27 के प्रथम सेमेस्टर के रिजल्ट की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए।
पुनर्मूल्यांकन के आश्वासन पर छात्र असंतुष्ट
छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय के धरना स्थल से एकजुट होकर जुलूस निकाला। जुलूस विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन से होते हुए कुलपति आवास तक पहुंचा। जुलूस के बाद छात्रों ने कुलपति आवास पहुंचकर मांग-पत्र सौंपा। छात्रों ने बताया कि कुलपति की ओर से कहा गया कि उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जा रहा है और इसके बाद संशोधित रिजल्ट प्रकाशित किया जाएगा।
हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने पहले से मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि पहले उत्तर पुस्तिकाओं की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए, इसके बाद पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर छात्रों की नाराजगी
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी जायज मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उनका कहना है कि कुलपति से सीधे संवाद की अपेक्षा थी लेकीन, कुलपति ने छात्रों के साथ वार्ता करने के बजाय अपने अधिकारियों को वार्ता के लिए भेजा, जो उनके तानाशाही रवैये को दर्शाता है।
छात्रसंघ चुनाव कराने की भी मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग भी उठाई। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों की समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने के लिए छात्रसंघ की भूमिका अहम है। प्रदर्शन में छात्रों ने शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार, कथित अनियमितताओं पर रोक और विद्यार्थियों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान की मांग की।
छात्रों ने दिया अल्टीमेटम
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर रिजल्ट से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और इसके कारण विद्यार्थी अगले सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने से प्रभावित होते हैं, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) के जिला अध्यक्ष शिव कुमार के नेतृत्व में छात्रों ने प्रदर्शन का समर्थन किया। विरोध प्रदर्शन में रंजन कुमार यादव, प्रकाश कुमार, राहुल कुमार समेत दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।










