
खबर जिन्दगी ने इस खबर को कवर किया था, जिससे यह लोगों की नजरों में आया
मुजफ्फरपुर, 22 सितंबर 2026। जिस परिवार के लिए पिछले करीब चार महीने चिंता, इंतजार और अनिश्चितता में बीते, वहां अब राहत की खबर है। कुढ़नी, मुजफ्फरपुर के उमाशंकर कुमार सेनेगल से सकुशल भारत लौट आए हैं। लंबे इंतजार के बाद उमाशंकर अब अपने घर, परिवार के बीच हैं।
उमाशंकर के सेनेगल में फंसे होने और वहां कथित तौर पर परेशान किए जाने का मामला सितंबर में सामने आया था। खबर जिन्दगी से बात करते हुए उनकी पत्नी ने बताया था कि डकार स्थित एक हेचरी कंपनी में उनसे लंबे समय तक काम कराया जा रहा है। वेतन भी नहीं दिया जा रहा है और उनका पासपोर्ट वीजा कथित तौर पर कंपनी ने अपने पास जब्त कर लिया है। मामले में मुजफ्फरपुर के सांसद एवं केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप का अनुरोध किया था।
परिवार के लिए खत्म हुआ लंबा इंतजार
उमाशंकर के परिवार के लिए उनकी वापसी सिर्फ विदेश से घर लौटने की खबर नहीं, बल्कि महीनों से चली आ रही मानसिक तनाव के खत्म होने का क्षण है। परिवार पहले उनकी सुरक्षा और वापसी को लेकर परेशान था।
उमाशंकर ने इससे पहले बताया था कि वह रोजगार के लिए 17 मई 2026 को सेनेगल गए थे। उमाशंकर ने बताया कि उन्हें डकार की कंपनी में काम मिला था, लेकिन बाद में वेतन और काम की परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।
बेटी की शादी और परिवार की चिंता
विदेश में रहने के दौरान उमाशंकर के सामने सिर्फ काम से जुड़ी परेशानी नहीं थी। उनकी पत्नी ने बताया था कि उनकी बेटी की शादी फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। घर के प्रमुख कमाऊ सदस्यों में शामिल होने के कारण उनकी गैरमौजूदगी में परिवार पर आर्थिक दबाव भी बढ़ गया था। लेकिन अब उमाशंकर की वापसी हो गई है जिसके बाद परिवार ने राहत की साँस ली है।
सांसद ने विदेश मंत्रालय से की थी कार्रवाई की मांग

मामला सामने आने के बाद डॉ. राज भूषण चौधरी ने विदेश मंत्रालय से आवश्यक हस्तक्षेप और कार्रवाई का अनुरोध किया था। उपलब्ध पत्र के अनुसार, उन्होंने उमाशंकर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया था।
परदेस में मुश्किल परिस्थितियों से गुजरने के बाद घर की चौखट पर लौटना उमाशंकर और उनके परिवार के लिए भावुक पल है। जिस व्यक्ति के विदेश में फंसे होने की खबर से परिवार चिंतित था, वही आज फिर अपने लोगों के बीच है।










