
जमुई मुड़वा पहाड़ कांड में नाबालिगों से बदसलूकी के बाद वीडियो वायरल हुआ। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और मुख्य आरोपी मुठभेड़ में घायल हुआ। अब पुलिस कार्रवाई और कथित नेटवर्क की जांच पर सवाल हैं।
बृजमोहन जी, अतिथि संवाददाता, जमुई
बीते 19 सितम्बर की शाम जमुइ के प्रतापपुर इलाके के मुड़वा पहाड़ के निकट एक ऐसी घटना घटी जिसने जमुई और बिहार नही बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। मनचलों ने वहशीपन का ऐसा नंगा नाच किया जिससे मानवता तो शर्मशार हुई ही बल्कि लोगों का गुस्सा भी उन वहशियों पर फुट पड़ा।
घटना वाले दिन क्या हुआ था
आइए अब घटना की सच्चाई जान लें। एक लड़की अपने एक लड़के दोस्त के साथ कोचिंग से पढ़ कर मुड़वा पहाड़ के हरी भरी वादियों में कुछ फोटो खिंचवाने गई थी। फोटो शूट में थोड़ा समय लग गया और इस सब में समय का पता नहीं चला, तो लौटने में कुछ अंधेरा हो गया। इसी दौरान वहां सड़क किनारे कुछ मनचले शराब के नशे में उन दोनों को रोक कर वहां आने का कारण पूछने लगे। उन्होंने बताया कि वह फोटोशूट के लिए गये थे। लेकिन उनलोगों ने कहा कि ये दोनों एक दूसरे से प्रेम करते हैं तो इनकी शादी करा दो।
मनचलों ने छात्रों के साथ की अभद्रता
इसके बाद दोनों काफी भयभीत हो गए और वापस जाने की मिन्नते करने लगे। इसी बीच उस गैंग के सरगना नंदन यादव ने लड़की को गोद मे उठा लिया और उसे एकांत में गलत इरादे से ले जाने लगा। उसी गैंग का एक सदस्य इस घटनाक्रम का मोबाइल से वीडियो भी बनाने लगा। लेकिन स्थानीय गांव वालों के हस्तक्षेप के बाद वह दोनों छात्र मनचलों के चंगुल से आजाद हुए और फिर वापस घर लौटे।
घटना 19 सितंबर की बताई जा रही है, जबकि इसका वीडियो 21 सितंबर के आसपास व्यापक रूप से सामने आया। इसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की पहचान शुरू की और गिरफ्तारियां हुईं। विपक्ष की ओर से भी घटना को लेकर सवाल उठाए गए।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस जागी
फिर क्या था बिहार प्रशाशन नींद उड़ गई और मुख्यमंत्री ने इस पर त्वरित कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया। जमुई पुलिस ने भी घटना की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन अभी भी वह दरिंदा बाहर था जिसने उस लड़की के साथ अभद्रता की थी। पुलिस ने पूरे गांव को घेर कर तलाशी शुरू कर दी।
पुलिस की तलाशी और एनकाउंटर
इसी बीच पुलिस को पता चला कि दोनों खेत मे छुपे हुए हैं। पता चलते ही पुलिस ने खेत को घर कर उन्हें आत्मसमर्पण करने को कहा लेकिन हरेराम यादव भागने लगा और उसे पकड़ने को पुलिस वाले भी दौरे। इसी बीच वह गिर गया जिससे उसका पैर टूट गया। जबकि नन्दन यादव ने पुलिस पर गोली चला दिया जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके बाएं पैर में लगी और वह भी पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर पर प्राथमिकी दर्ज
इस पूरे प्रकरण में सोशल मीडिया पर इस घटना को प्रसारित करने वाले 120 लोगों के विरुद्ध भी साइबर थाना में पुलिस द्वारा मामला दर्ज करवाया गया है। बिहार पुलिस तो इतनी सोई हुई है कि उसे घटना की जानकारी भी स्थानीय लोग ही देते हैं या सोशल मीडिया से जानकारी उपलब्ध होती है।
मनचलों का आपराधिक इतिहास
अब नजर डालते हैं उन मनचलों के पृष्ठभूमि पर। उस इलाके के लोगो का कहना है कि नन्दन और हरेराम शराब और बालू का अवैध कारोबार किया करता था। इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को भी थी, इस कारण पुलिस वालों के साथ इसके काफी करीबी सम्बन्ध थे। वह शराब के साथ इंस्टाग्राम पर रील भी बना कर डाला करता था और अपने आपको एक बाहुबली गुंडे के रूप में दर्शाता था। पुलिस की सरपरस्ती में यह बेखौफ अवैध धंधों को किया करता था।
पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में
भले ही पुलिस सोशल मीडिया पर घटना को वायरल करने को लेकर लोगो पर प्राथमिकी दर्ज करवाई है लेकिन सच है कि यदि यह घटना वायरल नही होती तो इस घटना की जानकारी भी नही होती। नन्दन जिस तरीके से गैरकानूनी कार्यों में लिप्त था क्या इसकी जानकारी गांव के चौकीदार को भी न हो यह सम्भव नही दिखता।
फिलहाल नन्दन के गिरफ्तारी से लोगों का आक्रोश तो कम हुआ है लेकिन लोग अभी भी अपनी बेटियों को ले कर भयभीत और चिंतित हैं। अब देखना है कि जमुई पुलिस उन सरकारी कर्मियों की भी जांच करेगी जिनका उस से नजदीकी सम्बन्ध निकलेंगे।










