तीन ट्रॉलियों सहित स्टेशन और टावर भड़भड़ाकर गिरा
रोहतास के किला में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ट्रायल में ही फैल हो गई। रोहतासगढ़ के किले में लगाया जा रहा रोपवे टावर ट्रायल के दौरान ही भड़भड़ाकर गिर गया। इसमें 3 ट्रॉलियां क्षतिग्रस्त हो गई लेकिन किसी को चोट नहीं आई।
कैमूर पहाड़ी के रोहतासगढ़ किले में स्थित रोहितेश्वर धाम में 1 किलोमीटर से ऊपर लगभग 1300 मीटर का रोपवे लगाया गया है। जिसको जनवरी 2026 से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए शुरू किया जाना था। इसी को देखते हुए कोलकाता की रोपवे एंड रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 26 दिसंबर को ट्रायल शुरू किया गया और चंद मिनट बाद ही स्टेशन सहित 2 टावर भड़भड़ाकर जमीन पर गिर गए साथ में 4 ट्रॉलियां भी इस हादसे में धराशाई हो गई। अब इसके निर्माण की जांच और फिर से काम शुरू करने के लिए कोलकाता से एक टीम बुलाई जा रही है।
यह सीएम नीतीश का ड्रीम प्रोजेक्ट था जिसकी आधारशिला 2019 में रखी गई थी और 2020 फरवरी से इसका निर्माण शुरू हुआ था।इसे 3 सालों में पूरा करना था लेकिन कतिपय कारणों से यह 2025 के दिसम्बर में पूरा हुआ जिसके ट्रायल रन में ये हादसा हुआ। आपको बता दें कि इस पूरी परियोजना की लागत 13 करोड़ 60 लाख थी जो कोलकाता की रोपवे एंड रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा निर्माण किया जा रहा था। अब इस घटना के बाद राज्य सरकार ने दुबारा से काम शुरू करने को कहा है जिसकी पूरी भरपाई बनाने वाली कंपनी को करना होगा।
इस हादसे को लेकर वरीय अभियंता खुर्शीद करीम ने बताया कि प्रोजेक्ट अभी ट्रायल एंड टेस्टिंग फेज में था। ट्रॉलियों का लोड बढ़ाने की प्रक्रिया के दौरान अचानक वायर फंस गया, जिसके कारण टावर पर दबाव बढ़ा और टावर क्षतिग्रस्त हो गया। अभियंता ने स्पष्ट किया है कि अभी रोपवे से संबंधित बहुत सारा काम बचा हुआ है और सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना इसे शुरू नहीं किया जाना था।










