हो जाए सावधान, मिलावटी खाद्य पदार्थ सेहत बिगाड़ने के साथ दे रहा बीमारी
खाद्य पदार्थों में मिलावट आज इतनी बड़ी समस्या बन चुकी है कि संसद में इसको लेकर सवाल तक उठने लगे हैं। बिहार में भी समय समय पर FSSAI की जांच ने कई चीजों को खाने के लायक नहीं बताया था। सेहत को लेकर जिस तरह से जागरूकता बढ़ी है, कह सकते हैं कि खाद्य पदार्थों में मिलावट भी उसी अनुपात में बढ़ रहा है।
अभी संसद में 9 दिसंबर को इस पर सवाल भी उठा था। जिसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान प्रस्तुत किया गया। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024-25 के दरम्यान जांच के दौरान सिर्फ पनीर के 230 से ज्यादा टेस्ट में फेल हो गए। जिसमें कोई न कोई केमिकल की मिलावट पाई गई। इस दौरान 1077 से ज्यादा सैंपल टेस्ट के लिए लाए गए थे।
पिछले 3 महीनों में बिहार के अलग अलग जिलों में कई दूध से बने खाद्य पदार्थों की जांच की गई। जिसमें कई सारे दुकानों के पनीर और मावा जांच में फेल हो गया। गया जी से लेकर पटना और मुजफ्फरपुर तक कई सारे नामचीन दुकानों से मिठाइयों, मावा और पनीर के सैंपल इक्कठे किए गए थे। जिसमें से अधिकांश दुकानों की मिठाइयों, मावा और पनीर में मिलावट पाया गया और ऐसे दुकानों पर जुर्माना भी ठोका गया था।
खाद्य पदार्थों के मिलावट की राज्यवार रैंकिंग के दायरे में पनीर के मामले में मध्यप्रदेश चौथे नंबर पर आता है। और इसके पहले उत्तरप्रदेश, राजस्थान और पंजाब का नंबर आता है। तो अगर आप उत्तरप्रदेश की पनीर खा रहे हैं तो उसमें सबसे ज्यादा केमिकल की मिलावट है जो आपके सेहत को बिगाड़ सकता है। केंद्र सरकार की रिपोर्ट में कहा गया है कि पनीर में मिलावट के लिए ज्यादातर स्टार्च और सुक्रोज का इस्तेमाल किया गया है।
स्टार्च और सुक्रोज के अधिक सेवन से वजन बढ़ना, टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग, फैटी लिवर की समस्याएं हो सकती हैं, जबकि कुछ लोगों में गैस, पेट दर्द और आंतों की दिक्कतें भी होती हैं। सरकारें समय समय पर खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करती रहती है और कुछ जांच तो हम आप खुद कर सकते हैं। अगर रहना है सेहतमंद तो मिलावटी खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए और स्वस्थ रहें।








