अतिक्रमण हटाओ अभियान के दरम्यान माड़ीपुर में घटित उपद्रवी घटना के बाद एक बार फिर से सड़कों को अतिक्रमणमुक्त करने का काम मंगलवार से शुरू हुआ। दो दिनों तक बंद रहने के बाद जैसे ही मुजफ्फरपुर नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू की, वैसे ही सड़कों और नालों पर अवैध कब्जा करनेवालों में हड़कंप मच गया। वे खुद से ही अतिक्रमित जगह को खाली करने लगे।

अतिक्रमण दस्ता टीम नगर प्रबंधक के नेतृत्व में पहले इमली चट्टी इलाके में पहुंच कर अपनी कार्रवाई शुरू की। टीम ने इस इलाके में तृप्ति मीट हाउस के पास सड़क पर भवन निर्माण सामग्री पसरा देखा। इसे टीम ने जब्त करते हुए मीट हाउस के मालिक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया तथा बुधवार सुबह तक सारी सामग्री हटाने का मोहलत भी दिया गया।
इसके बाद टीम ने धर्मशाला चौक से अपनी कार्रवाई शुरू की, जो कल्याणी गोलंबर तक चला। इस क्रम में नालों के उपर अवैध तरीके से किए गए स्थाई और अस्थाई कब्जे को हटाया गया। अस्थाई कब्जेदारों में रेहड़ी और छोटे मोटे दुकानदार शामिल थे जिनके खोमचे को हटाया गया। जबकि कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकान की सीढ़ी नालों पर ही निकाल स्थाई कब्ज कर रखा था। इन सीढ़ियों को जेसीबी की मदद से तोड़ा गया और इन 16 दुकानदारों से 55 हजार पांच सौ रूपये जुर्माना वूसला गया। इन दुकानदारों में अधिकांश वैसे थे, जिनको पिछले गुरुवार को चलाए गए अभियान के दौरान अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई थी।
गौरतलब है कि शनिवार को माड़ीपुर इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण हटाने वाली नगर निगम की टीम पर हमला बोल दिया था। साथ ही जेसीबी के पहिए की हवा निकालते हुए उसके शीशे को क्षतिग्रस्त करने को लेकर रविवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से ही अतिक्रमण अभियान को लेकर अवैध कब्जेदारों में दहशत है।
डीएम सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर शहर को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई चलाई जा रही है। यह पूरी कार्रवाई एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार के निर्देशन में नगर निगम में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी अरुण कुमार और नगर प्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता के द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान की टीम में निगम के अतिक्रमण हटाओ सेल के प्रभारी अरविन्द कुमार सिंह के अलावा बड़ी संख्या में मजदूर और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।










