
औरंगाबाद: इतने सरकारी अधिकारी रिश्वत खोरी में निगरानी अन्वेषण के हत्थे चढ़ चुके हैं बावजूद इसके रिश्वत खोरी बंद नहीं हो रहा। सोमवार को ब्यूरो समाहरणालय परिसर में निगरानी विभाग की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। पटना से पहुंची निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कांति कुमारी को कथित तौर पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
दरअसल परिवादी पूनम देवी, पति- राजेन्द्र सिंह, ग्राम- सिकरिया मनियार, पो- काला पहाड़ तेनुआ, थाना- टण्डवा, जिला- औरंगाबाद द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराया गया था कि इनके पट्टीदार पूजा देवी के द्वारा महिला एवं बाल विकास निगम सखी वन स्टॉप सेन्टर औरंगाबाद में इनके एवं अन्य पाँच के विरूद्ध खाली जमीन में कचड़ा फेंकने और पानी बहाने के लिए आवेदन दिया गया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवादी के पक्ष में लिखवाने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है। जमीन पर नाली बहाने से जुड़े विवाद में मदद करने और मामले को खत्म कराने के नाम पर 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई।
इसके बाद सोमवार को निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही कांति कुमारी ने परिवादी से रिश्वत के रूप में 10 हजार रुपये ली, टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई डीएसपी ऋषिता स्नेह के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
2026 में निगरानी ब्यूरो की 114वीं प्राथमिकी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के अनुसार, भ्रष्टाचार के विरुद्ध वर्ष 2026 के सितंबर महीने तक में यह 114वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है। इनमें यह 104वां ट्रैप कांड है। अब तक इन ट्रैप मामलों में कुल 104 अभियुक्तों को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इन कार्रवाइयों में कुल 37,47,800 रुपये की रिश्वत राशि और करीब 37 हजार रुपये मूल्य की एक नई वॉशिंग मशीन भी बरामद किए जाने का उल्लेख है।
2025 में 101 ट्रैप कांड
निगरानी ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे। इन मामलों में कुल 37,80,300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल औरंगाबाद से रिश्वत मामले में गिरफ्तार महिला पदाधिकारी के खिलाफ निगरानी विभाग की ओर से कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।










