केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार पटना द्वारा आयोजित बिहार पुलिस चालक सिपाही संवर्ग की भर्ती परीक्षा 10 दिसंबर को मुजफ्फरपुर जिले के 27 परीक्षा केंद्रों पर एक पाली में आयोजित की जाएगी। परीक्षा दोपहर 12:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक आयोजित होगी, जबकि अभ्यर्थियों का रिपोर्टिंग टाइम सुबह 9:30 बजे निर्धारित किया गया है। परीक्षा में कुल 15051 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिसके मद्देनज़र जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है।
परीक्षा को सही तरीके से सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर केंद्राधीक्षक के साथ पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने निर्धारित दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। प्रत्येक अधिकारी को समय पर अपनी ड्यूटी स्थल पर उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है। परीक्षा के सफल संचालन एवं समन्वय के लिए अपर समाहर्ता, लोक शिकायत निवारण को विशेष रूप से नामित किया गया है, जो संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी की व्यवस्था तथा केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से प्रत्येक केंद्र की रीयल टाइम निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जा सके।
परीक्षा शुरू होने के ढाई घंटे पहले सुबह 9:30 बजे से ही प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन फ्रीस्किंग की व्यवस्था की गई है। यह प्रक्रिया केंद्राधीक्षक और प्रतिनियुक्त स्टैटिक दंडाधिकारी तथा पुलिस बल की उपस्थिति में कराई जाएगी। प्रशासन ने सख्त निर्देश दिया है कि प्रवेश के समय किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक सामग्री या प्रतिबंधित वस्तु पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
इन सामग्रियों पर सख्त प्रतिबंध
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किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष में निम्न सामग्रियों के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं होगी
मोबाइल फोन
कैलकुलेटर
ब्लूटूथ, वाई-फाई गैजेट
इलेक्ट्रॉनिक पेन
पेजर
रिस्ट वॉच
व्हाइटनर, इरेज़र, ब्लेड इत्यादि
इन सब के अलावा अगर कोई अभ्यर्थी कदाचार करते पाया जाता है तो जिला प्रशासन और चयन पर्षद दोनों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अभ्यर्थी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अभ्यर्थियों को न केवल इस परीक्षा से वंचित किया जाएगा बल्कि आगामी पाँच वर्षों तक पर्षद द्वारा आयोजित किसी भी परीक्षा में सम्मिलित होने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।








