सकरा प्रखंड की 11 गांव की 7449 महिलाओं ने 677 स्वयं सहायता समूह बना कर आमदनी के मामले में पूरे देश में अव्वल स्थान पर हैं। स्वयं सहायता समूहों के फेडरेशन में रीजनल स्तर पर आनंद जीविका सीएलएफ सकरा को सम्मानित किया गया है।
2 करोड़ से अधिक की आमदनी करने वाली सकरा की महिलाएं पूरे देश में पहले नंबर पर आई हैं। वित्तीय स्थिति को लेकर पूरे देश में स्वंय सहायता समूहों को सकरा की महिलाओं के समूह ने पीछे छोड़ दिया है। आंध्र प्रदेश की महिला अभव्यरिद्धि संस्था (ए पी मास ) द्वारा पूरे देश में दो कैटेगरी में स्वयं सहायता समूह और फेडरेशन को सम्मानित किया गया। पुरस्कार स्वरूप 40 हजार भी सकरा की महिलाओं को मिलेंगे।
सकरा प्रखंड के संकुल संघ में कुल चार पंचायत है जिसके अंतर्गत 11 गांव है। कुल पांच महा दलित टोले हैं। 677 स्वयं सहायता समूह महिलाएं चला रही हैं जो 46 ग्राम संगठनों से जुड़ा है। 7449 महिलाएं इससे जुड़ कर काम कर रही हैं। महिलाएं सच्ची सहेली सेनेटरी नैपकिन, सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, मुर्गी पालन, बकरी पालन जैसे अन्य कई जीविकोपार्जन की गतिविधियां चला रही है। इनकी कुल आमदनी 2 करोड़ दस लाख है तथा शुद्ध लाभ एक करोड़ के करीब है।
इस अवार्ड में प्रथम स्थान जीतने के बाद सभी महिलाएं खुशी से झूम उठी। महिलाओं ने कहा कि हमें खुशी है कि हमारे काम को सराहा जा रहा है जिससे हमें आगे और उत्साह से काम करने के लिए प्रेरणा मिलेगी। डीपीएम अनीषा ने कहा कि महिलाएं आमदनी के मामले में भी अब पूरे देश के पटल पर सशक्त रूप में उभर कर सामने आ रही हैं। यह जिले के लिए गौरव की बात है। इस अवसर पर मोहम्मद कैफ,राजीव रंजन समेत अन्य लोग रहे।








