बिहार की बेटी नेपाल में बज्जिका संबंध को लेकर सम्मानित हुई हैं। नेपाल के रौतहट में शनिवार को आयोजित बज्जिका समारोह में डॉ भावना को अनीता शिव अंतर्राष्ट्रीय बज्जिका संबंध के लिए सम्मान से सम्मानित किया गया।
नेपाल में डा. भावना के बज्जिका उपन्यास लाडो का लोकार्पण भी किया गया। नेपाल में आयोजित समारोह में बज्जिकांचल क्षेत्र के प्रत्येक जिले से एक बज्जिका साहित्यकार को आमंत्रित किया गया था। जिसमें मुजफ्फरपुर से डॉ भावना का चयन किया गया था। डॉ भावना की पांच मौलिक गजल संग्रह, पांच ग़ज़ल आलोचना की पुस्तक और छह संपादित कृति प्रकाशित है। वहीं हाल ही में प्रकाशित जाने माने आलोचक हरेराम समीप के संपादन में डा भावना के चुनिंदा शेर तथा विजय कुमार के संपादन में डा भावना के चुनिंदा अशआर प्रकाशित हैं। हिन्दी ग़ज़ल और आलोचना में महत्वपूर्ण स्थान बना चुकी डा भावना का लोक भाषा बज्जिका से लगाव तथा सृजन काबिलेतारीफ है। बज्जिका में इनका एक काव्य संग्रह और एक उपन्यास प्रकाशित है।
डॉ भावना ने बताया कि मां डॉ शांति कुमारी बज्जिका में लिखती थीं। उन्होंने बज्जिका भाषा साहित्य में पीएचडी की डिग्री ली। घर में बज्जिका भाषा का माहौल था। मातृभाषा होने के कारण इस भाषा में भी लगातार लिख रही हूं और लिखती रहूंगी। बज्जिका का यह अंतरर्राष्टीय सम्मान मेरे लिए बहुत खास है। इससे आगे बेहतर करने की भी प्रेरणा मिलेगा।








