दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और मापी के मामलों का 15 दिन में समाधान। दलाल, भू-माफिया और भ्रष्टाचारियों पर लगाम।
मुजफ्फरपुर स्थित बीआरए बिहार विश्वविद्यालय परिसर के श्री कृष्ण सिंह प्रेक्षागृह में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद आयोजित किया गया। जिसमें उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने शिरकत की और कहा कि यह जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनने, समझने और नियम सम्मत समाधान सुनिश्चित करने का गंभीर प्रयास है। इस संवाद में सर्वाधिक शिकायत दाखिल–खारिज, परिमार्जन प्लस और ई मापी को लेकर थी। जिसपर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का निष्पादन अगले 15 दिनों में किया जाये, ताकि जनकल्याण संवाद में लोगों को इन बातों के लिये परेशान ना होना पड़े।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग की कार्यव्यवस्था के केंद्र में बिहार की जनता है। इसलिए सरकार के कार्यकाल के पहले 100 दिनों में प्रमंडलवार और फिर जिलावार जनता के बीच जाकर संवाद किया जाएगा, ताकि भूमि विवाद, जनशिकायत और विभागीय कार्यप्रणाली से जुड़ी अड़चनों को समझा जा सके और सभी परेशानियां दूर की जा सकें। साथ हि किसी भी प्रकार के दलाल, बिचौलिये या भू-माफिया की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभाग ने पहले 100 दिनों में तीन प्रमुख समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इनमें दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई मापी सबसे महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की दिसंबर माह की छुट्टियां रद्द की गई हैं। अंचल कार्यालयों में नियम, प्रक्रिया और सेवाओं की जानकारी बैनर-पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शित करने तथा 9-9-6 (सुबह 9 बजे से शाम 9 बजे तक, सप्ताह में 6 दिन) के तहत जनता के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश दिया गया है। लंबित मामलों के समाधान के लिए समय निर्धारित किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि फीडबैक केवल वरीय पदाधिकारियों से नहीं, बल्कि सीधे आम जनता से लिया जाएगा। जनवरी में फिर से मुजफ्फरपुर की समीक्षा की जाएगी। इस मौके पर प्रधान सचिव सीके अनिल, ओएसडी अनुपम प्रकाश सहित विभाग के सचिव जय सिंह, सचिव गोपाल मीणा, तिरहुत के प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय , मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, एसएसपी सुशील कुमार, अपर सचिव आजीव वत्सराज, उप निदेशक मोना झा उपस्थित रहे।








