स्कूली बच्चे खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर शोध करेंगे और बताएंगे कि किस तरह से इसे बचाना है। 5 दिसम्बर को आयोजित बिहार बाल विज्ञान शोध को लेकर स्कूली बच्चों को यह निर्देश मिला है। बच्चों के साथ शिक्षकों ने भी शोध की तैयारी शुरू कर दी है।
डीईओ कुमार अरविन्द सिन्हा, जिला समन्वयक डा. फुल्गेन पूर्वे ने बताया कि सभी सरकारी स्कूल के और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्राचार्य को निर्देश दिया है कि बच्चों को इसमें शामिल करना है। बच्चे लिखित परियोजना के मूल्यांकन को लेकर 2 दिसम्बर तक अपना सर्वे रिपोर्ट जमा करेंगे। डीएन स्कूल में जिला स्तरीय बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम होगा।
स्कूल से मिलेगी राशि, 500 रुपये में तैयार करेंगे प्रोजेक्ट
डीईओ ने बताया कि परियोजना तैयार करने में स्कूल कोष से 500 रुपये तक खर्च कर सकते हैं। जिला स्तर पर और राज्य स्तर पर प्रतिभागी छात्र और मार्गदर्शक शिक्षक का यात्रा व्यय और पंजीयन शुल्क 100 रुपये तक जमा किया जा सकता है। डीईओ ने कहा कि सभी स्कूल इसमें अपने बच्चों की सहभागिता कराएंगे। टीम लीडर शिक्षक के बच्चों को अपना शोध प्रस्तुत करना है। बच्चे जो शोध करेंगे, वह उनका अपना होना चाहिए। शिक्षक इसमें मदद करेंगे।









