मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 853 करोड़ के 172 योजनाओं की जनता को दी सौगात
पढ़कर थोड़ा अचरज में होंगे आप! लेकिन सच यही है। कहां काम होना है कहां कार्य हो चुका है। जो काम देखने तक नहीं गए और कर दिया उद्घाटन। और तो और जिस एजेंसी के द्वारा काम का कार्यारंभ होना है, उसने शुरू किया या नहीं कोई जानकारी नहीं। बस एक कट्ठे में लगे पर्दे को रिमोट से हटा दिए और कर दिए इतिश्री।
अब पूरी सच्चाई बताता हूं। दरअसल मुजफ्फरपुर में आज समृद्धि यात्रा के अंतर्गत सीएम नीतीश कुमार का दौरा था। इसमें 853 करोड़ की 172 योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यारंभ का कार्यक्रम था। नीतीश कुमार पूरे लाव लश्कर के साथ बिहार की राजधानी पटना से हवा में उड़कर आए। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी और साथ में रामकृपाल यादव और विजय कुमार चौधरी भी थे। मुजफ्फरपुर के बाजार समिति में सारे अधिकारीयों ने पूरी निष्ठा से प्रोटोकॉल के मुताबिक उनका सम्मान किया।
अब समय था बिहार के समृद्ध होने का प्रमाण जनता के सामने रखने का जो 853 करोड़ की लागत से पूरा किया जाना है। इसलिए पहले से पर्दे के पीछे छिपे ग्रेनाइट के पत्थर पर पूरा हिसाब लिखा था। उस हिसाब को मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबा सबके सामने रख दिया। बटन दबाने के बाद पर्दा सरकता चला गया और वो पत्थर लोगो के सामने था जिसको बजाप्ता सोशल मीडिया पर Live दिखाया जा रहा था।
लगभग एक कट्ठे का एरिया था जिसमें शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यारंभ का पूरा ब्यौरा था। उस एक कट्ठे में कुल 43 Row थे और हर Row में 4-4 ग्रेनाइट के पत्थर ऊपर से नीचे तक लगे थे और उसपर फ्लैक्स या पेपर पर लिखी गई थी। एक जगह बाजार समिति के प्रांगण से पूरी 172 परियोजनाओं की जानकारी दे दी गई। धरातल पर क्या चल रहा होगा इसका जायजा कौन लेगा?
इस बात को अन्यथा नहीं लेंगे कि मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी के लिए 2600 करोड़ रुपए दिए गए। क्या काम हुआ ये तो सबको दिख रहा होगा। और कितने का हुआ ये किसी को पता नहीं। ईश्वर से यही दुआ है कि इन 172 परियोजनाओं का यही हाल न हो। जनता के टैक्स का पैसा जनता के लिए खर्च हो यही आशा है।










