
अरब सागर में फिर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र..बिहार को बारिश से नहीं मिलनेवाली राहत
अरब सागर में फिर से निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसके पहले मोंथा चक्रवात भी अरब सागर के ऊपर से ही बंगाल की खारी होकरआया था।तब भी हल्की से भारी बारिश का अनुमान लगाया गया था। तब ये चक्रवात अरब सागर के बड़े भाग में में बना था। जिसने दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत तक तबाही मचाई थी। लेकिन इसका प्रभाव दक्षिण भारत पर ज्यादा पड़ा था।
इस बार पूर्व मध्य और उत्तर पूर्व अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है साथ ही पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों के उत्तरी भाग में भी एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसकी वजह से नवंबर के पहले हफ्ते में गुजरात, गोवा, कोंकण, महाराष्ट्र, तथा हिमालय के तराई के क्षेत्र बंगाल सिक्किम, बिहार और पूर्वोत्तर के इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।
अब आपको बताते है कि ऐसा क्षेत्र बनता कैसे है। कम दबाव का क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ आसपास के वायुमंडलीय दबाव से हवा का दबाव कम होता है। यह तब बनता है जब हवा गर्म होकर ऊपर उठती है। गर्म हवा जब ऊपर उठती है तो वह ठंडी होने लगती है जिससे हवा का संघनन और बादल बनने लगता है। इस स्थिति के कारण अक्सर बादल, हवाएं, वर्षा और तूफ़ान आते है








