2020 में कोराना काल के समय जहां लगभग पूरे साल शहर में वीरानगी छाई थी। दुकानें बंद पड़ी थी। लोगों के काम धंधे बंद पर चुके थे। रोजी रोजगारी तक बंद पड़ी हुई थी। इस समय में मुजफ्फरपुर नगर निगम के द्वारा नगर निगम के अंतर्गत संचालित दुकानदारो को आश्वासन दिया गया था कि कोराना काल का किराया माफ कर दिया जाएगा। लेकिन वो आश्वासन अब तक कोड़ा ही साबित हो रहा है।
दरअसल महेंद्र मार्ग, सदर हॉस्पिटल रोड में नगर निगम की लगभग 125 दुकानें हैं। यहां एक बात बता दूं कि नगर निगम ने सिर्फ जगह दिए हुए है और 10/8 की जगह के लिए किराए के रूप में हर महीने 640 रुपए लेती है। जिस पर लोगों ने खुद का कच्चा कमरा तैयार कर जीवन यापन के लिए दुकान तैयार किया हैं। जहां कोई बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है। न ही पानी की सुविधा न शौचालय, इस सब के बावजूद जीवन यापन के लिए दुकान बना रोजगार कर रहे हैं।
अभी नगर निगम के द्वारा उक्त जगह के नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिसके लिए दुकानदारों को पुराने किराए का भुगतान करने को कहा गया है। दुकानदार वशिष्ठ नारायण ओझा, राजकुमार शाह आदि जब किराए का भुगतान करने नगर निगम पहुंचे, तो उन्हें डबल झटका लगा जब उन्हें बताया गया कि पूरे किराए पर चक्रवृद्धि ब्याज और GST के साथ भुगतान करना पड़ेगा। वहां कोई बड़ी दुकानें नहीं बल्कि छोटी-छोटी दुकान जैसे चाय नाश्ता, ट्रंक बनानेवाले, फोटोस्टेट, पान दुकान जैसी दुकाने हैं।
इस आदेश के आलोक में महेंद्र मार्ग के दुकानदारों ने एक पत्र अप नगर आयुक्त को सौंपा है। जिसके बाद khabarjindagi.com वेबसाइट से बात करते हुए उप नगर आयुक्त अमित कुमार ने स्वीकार किया कि उनके समक्ष आवेदन आया है और विचार कर नियमानुकूल कार्रवाई की जाएगी।








