
बुधवार की रात काली पूजा के बाद प्रतिमा के विसर्जन के दौरान सन्नी नामक एक बच्चा बूढ़ी गंडक नदी में डूब गया था। घटना बुधवार के देर रात लगभग 10 बजे सिकंदरपुर घाट की है। जिसे शुक्रवार को एसडीआरएफ की टीम ने खोज निकाला। सन्नी के डूबने की खबर मिलते ही घाट पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों में चीखपुकार मच गया। तुरंत ही सिकंदरपुर के थानेदार पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। एसडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई लेकिन रात होने की वजह से सफलता नहीं मिल पायी।
सन्नी सिकंदरपुर जहेलिया गली के ठेला चालक महावीर महतो का बड़ा बेटा था। बताया जा रहा है कि सन्नी प्रतिमा विसर्जन में शामिल होने सिकंदरपुर सीढ़ी घाट आया था। विसर्जन के समय प्रतिमा को नदी के बीच में धक्का देने के क्रम में प्रतिमा के साथ ही वह भी गहरे पानी में चला गया और डूब गया था। बुधवार की देर रात और गुरुवार के दिन में पूरे नदी को एसडीआरएफ की टीम द्वारा खंगाला गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। लेकिन शुक्रवार की सुबह टीम को सफलता मिली और उसने सिकंदरपुर सीढ़ी घाट के नजदीक बीच नदी से शव को खोज निकाला।
परिजनों का आरोप है कि अगर एसडीआरएफ की टीम को घटना के तुरंत बाद प्रशाशन ने बुला लिया होता तो सन्नी को बचाया जा सकता था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज आगे की कार्रवाई की जा रही है।








