काफी समय से सिनेमाघरों में छायी धुंध और उदासी को फिल्म धुरंधर से एक आस जगी है। ट्रेलर से लोगों ने जो आस लगाई थी, दर्शकों के अनुसार फिल्म उससे भी काफी अच्छी बनी है। पूरी फिल्म हिट फॉर्मूला पर आधारित यानी भारत-पाकिस्तान के दुश्मनी और आतंकवाद पर आधारित है। लेकिन दोनों देशों की सेनाओं के पक्ष और राजनीतिज्ञों को बहुत ज्यादा तवज्जो फिल्म में नहीं दी गई है।
फिल्म में आधे दर्जन से ज्यादा नामी किरदारों ने भूमिका निभाई है। रणवीर सिंह के अलावा एक दो को छोड़ दें तो सबने पाकिस्तानी नामचीनों का ही किरदार निभाया है। अक्षय खन्ना ने जहां, संजय दत्त जैसे नामचीन कलाकार पाकिस्तानी किरदारों के रंग में रंगे नजर आए हैं।
काफी दिनों के बाद साढ़े 3 घंटे से ऊपर की फिल्म बनी है। करीब 6 सालों के बाद आदित्य धर ने ये फिल्म बनाई है इसके पहले इन्होंने उड़ी फिल्म बनाई थी वो भी भारत पाकिस्तान पर ही बनाई गई थी, जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक को फिल्मांकित किया गया था। इस फिल्म में रणवीर सिंह ने रॉ एजेंट का किरदार निभाया है, जिसका कोडनेम “द रैथ ऑफ गॉड” है। उसका अतीत और क्रूर व्यवहार इस जासूसी थ्रिलर फिल्म में एक रोमांच पैदा करता है।
फिल्म में भारत पाकिस्तान के रिश्तों के बीच इससे जुड़ते हुए पाकिस्तानी गैंगस्टर उजैर बलोच और रहमान डकैत भी फिल्म में दिखाए गए हैं। उजैर बलोच का किरदार अक्षय खन्ना ने और रहमान डकैत के किरदार में दानिश पंडोर को दिखाया गया है। आपको बता दें कि निर्देशक की तरफ से जो भी कहा जाए कि फिल्म का किसी घटना या जिंदगी पर आधारित न हो लेकिन ऐसा है नहीं। जिस उजैर और दानिश की बात की जा रही है वो पाकिस्तान में 1971 के बाद के बड़े मजबूत शख्शियत हुआ करते थे।
फिल्म में पहला पार्ट 2 घंटे का है। 2 घंटे कब बिता पता ही नहीं चलता। फिल्म पूरा बंधा हुआ है और अगला डेढ़ घंटे में ऐसा लगता है कि एक और फिल्म देख ली। फिल्म वल्गर तो नहीं लेकिन गालीगलौज भरपूर है। हीरोइन का कोई काम नहीं दिखता। वैसे भी हीरोइन की एंट्री 2nd हाफ में ही होती है। फिल्म में काफी मार धार है यहां तक कि फिल्म में कटे सिर से फुटबॉल भी खेलते हुए दिखाया गया है।
वैसे कहा जाए कि फिल्म को भले ही A रेटिंग दी गई हो, लेकिन वल्गैरिटी नहीं है और सस्पेंस से भरपूर है। परिवार और बच्चों के साथ फिल्म को एंजॉय न कर खुद देखने जाए भरपूर मनोरंजन मिलेगा।








