एक तरफ जहां मुजफ्फरपुर को जाम से मुक्त करने की कार्रवाई हो रही है। सुबह से ही स्थानीय पुलिस के वरीय अधिकारी ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर मुजफ्फरपुर में जाम न लगे, यातायात व्यवस्था धीमे ही सही पर चलती रहे, इसकी व्यवस्था में डटे हुए हैं वही कांटी पूरी तरह से जाम में फंस चुका है।

कांटी वैसे कोई बड़ा शहर नहीं है, लेकिन ये ठीक मुजफ्फरपुर से लगा हुआ एक कस्बा भर है। लेकिन थर्मल पावर स्टेशन के कारण सड़कों पर थोड़ी गहमा गहमी रहती है। देखने से पता चलता है कि यह जाम छोटी गाड़ियों की वजह से नहीं बल्कि बड़े वाहनों की देन है
असल में कांटी थर्मल पावर प्लांट से कोयला जलने के बाद का निस्तारण ही कांटी में जाम लगने का कारण है। दरअसल बड़े-बड़े ट्रकों (18 Wheels) द्वारा छाई का निस्तारण दिन में ही किया जाता है। यह ओवरलोडेड वाहन जहां-तहां खड़े हो जाते हैं। जैसे ही कही सड़क किनारे खड़े हुए की जाम लगना शुरू हो जाता है।
अभी भी कांटी ओवरब्रिज के नीचे गाड़ियां जाम में फंसी हुई है लेकिन कोई भी ट्रैफिक या पुलिस का कोई भी कर्मचारी उस जाम को खुलवाने के लिए उपलब्ध नहीं है। शायद फिर से कोई वरीय अधिकारी जाम में फंसे और मुजफ्फरपुर जैसी कवायद ही कांटी में भी शुरू हो।








