ऑप्टिकल फ़ाइबर से डेटा ट्रांसफ़र, ग्रीन एलईडी, सौर ऊर्जा सेल की दक्षता बढ़ाने, टेंपेचर सेंसर,और लेज़र आधारित सेंसर एक ही सामग्री एरीबीयम इटरबियम डोपड जिंक टेलूराइट में प्राप्त किया गया है।इसे अंतर्राष्ट्रीय जर्नल जर्नल ऑफ़ ऐलोवॉय एंड कंपाउंड ने प्रकाशित किया है। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) में शोधार्थी रंजन कुमार देवरिया, मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार के रहने वाले हैं और उनकी यह अनोखी शोध नये जनरेशन के लिये काफ़ी उपयोगी साबित होगी।
काशी हिंदू यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता रंजन कुमार ने शोध निर्देशक प्रो. एस.बी. राय और प्रो. हृदयेश मिश्रा के निर्देशन में यह उल्लेखनीय वैज्ञानिक उपलब्धि प्राप्त की है जिसके लिये सीएसआइआर-यूजीसी और आईओई बीएचयू ने फंडिंग की थी। रंजन कुमार का यह कार्य भारत में उन्नत सामग्री विज्ञान और फोटोनिक्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है।
जिंक टेल्यूराइट ग्लास में Er³⁺/Yb³⁺ की सह-डोप्ड करके एक उन्नत ऑप्टिकल सामग्री का सफल विकास किया है, जिसमें एक ही प्रणाली में बहु-कार्यात्मक प्रकाश उत्सर्जन गुण प्रदर्शित हुए हैं। यह अध्ययन वर्तमान क्षेत्र में उपलब्ध शोधों की तुलना में अधिक व्यापक, नवोन्मेषी और तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण पाया गया है।
रंजन कुमार का यह इनोवेशन उन्नत TEZ ग्लास भविष्य की तकनीकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है, जैसे 1.ऑप्टिकल डेटा कम्युनिकेशन, 2.हरित फोटोनिक प्रकाश स्रोत 3. क्वांटम ऑप्टिकल उपकरण
ऑप्टिकल ताप-सेंसिंग और लेजर आधारित सेंसर जिससे दूर से किसी व्यवहार को मापते हैं।
शोध की प्रमुख विशेषताएँ और उत्पाद
TEZ ग्लास के UV–Vis–NIR अवशोषण, ऑप्टिकल बैंडगैप और Judd–Ofelt पैरामीटरों का विस्तृत अध्ययन किया गया।
1538 nm पर विस्तृत NIR उत्सर्जन (FWHM = 90 nm) तथा तीव्र डाउनशिफ्टिंग और क्वांटम कटिंग देखी गई।
Er³⁺–Yb³⁺ सहकारी ऊर्जा स्थानांतरण द्वारा 120% क्वांटम कटिंग दक्षता प्राप्त की गई।जो सोलर सेल की क्षमता बढ़ा देती है।
980 nm पर मजबूत अपकन्वर्ज़न उत्सर्जन और Er³⁺ ऊर्जा स्तरों के सुदृढ़ लाइफटाइम दर्ज किए गए।
1.5 mol% Yb³⁺ पर सर्वोत्तम ऊर्जा स्थानांतरण और न्यूनतम क्वेंचिंग प्राप्त हुई।
UC आधारित हरे डबलेट्स का उपयोग कर उच्च संवेदनशीलता वाली लेजर-प्रेरित ऑप्टिकल थर्मामीटर विकसित की गई।
इसके पहले रंजन के चार शोध पत्र जर्नल ऑफ़ ऑप्टिकल मटेरियल, सिरेमिक इंटरनेशनल, मॉलिक्यूलर सिंपोशिया और जर्नल ऑफ़ मॉलिक्यूलर लिक्विड्स में प्रकाशित हो चुके है। एमएमएमटीयू के इंटरनेशनल कांफ्रेंस में इनके रिसर्च को बेस्ट मानते हुए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है।
उनके इस उपलब्धि पर एलएस कॉलेज के पूर्व केमिस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. नित्यानन्द शर्मा, भौतिकीं विभाग के प्रो. एसएन चटर्जी, पूर्व डीएसडब्ल्यू बीआरएबीयू प्रो. विनोद राय, एमपीएस साइंस कॉलेज के भौतिकीं शिक्षक डॉ संदीप कुमार, भौतिकी विभाग बीआरएबीयू के डॉ रवींद्र कुमार आदि ने बधाई दी है ।








