सोना जहां आमलोगों से दूर होता जा रहा है वही निवेशकों को भरपूर फायदा देता देखा जा रहा है। वैश्विक स्तर पर देशों के बीच जारी संघर्ष और गतिरोध तथा व्यापारिक तनावों के बीच पिछले एक साल में सोने-चांदी में जबरदस्त तेजी देखी गई और एक साल में इसने दुगने का फायदा दिया है।
चांदी के दाम में तेजी का मुख्य कारण वैश्विक मांग के साथ साथ सौर उपकरणों, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री का असर है। साल 2025 में चांदी की कीमत औंस में जहां 28 से 30 डॉलर प्रति औंस था। वही 2025 में यह लगभग 130 प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग 70 डॉलर प्रति औंस रहा।
भारत में एक तरफ जहां मूल्य के स्तर पर सोने का भाव बढ़ता जा रहा है वहीं यह आमलोगों से दूर मतलब वास्तविक खपत में कमी आई है। आमलोगों से दूर होने की पीछे की वजह जहां इसकी कीमत है वहीं त्योहारी और वैवाहिक मांग ने भारत में इसकी खपत दिख रही है। इसी वजह से इस बात की संभावना जताई जा रही है कि आने वाले नए साल में सोने और चांदी के भाव में तेजी बनी रहने की संभावना है।
एक्सपर्ट्स के बातों को अगर माने तो उसके अनुसार इन दोनों मेटलों के कीमतों में बढ़ोत्तरी का प्रमुख कारण रूस-यूक्रेन युद्ध और दूसरी तरफ पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष ने विश्व में एक भय का माहौल बना हुआ है। इसी भय ने लोगों को एक सुरक्षित निवेश सोने की तरफ आकर्षित किया जिसने सोने को भाव को आसमान तक पहुंचा दिया। सरकारें और बैंक तो पहले से ही सोने को सुरक्षित निवेश मानती रही है तो इन एक सालों में विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों ने भी सोने में काफी निवेश किया है।










