हेडलाइन पढ़कर थोड़ा ताज्जुब जरूर हुआ होगा कि सनातनी विचारधारा में ऐसा नहीं होता,लेकिन हुआ। घटना वैशाली जिले के जंदाहा की है, जहां पत्नी का बार बार प्रेमी के साथ भाग जाना पति को अपनी प्रतिष्ठा पर आघात जैसा लगा और खुद ही गवाह बन पत्नी की शादी प्रेमी के साथ करा दी।
दरअसल वैशाली जिले के जंदाहा की रहने वाली रानी और अहीरपुर, जंदाहा के PNB के CSP चलाने वाले कुंदन ने 2011 में कोर्ट मैरिज किया था। शादी के बाद उनके 3 बच्चे हुए। सबसे बड़ा 12 साल का दूसरा 9 साल का और तीसरा बच्चा 6 साल का हैं। शादी के कुछ सालों बाद रानी का सोशल मीडिया के जरिए अपने फुफेरे भाई गोविंद से संपर्क हुआ। शुरुआत में तो रिश्ता भाई-बहन का ही दिखा। लेकिन समय के साथ यह प्रेम प्रसंग में बदल गया। घंटों फोन पर बातें होने लगी, जो कुंदन को नागवार लगा। उसने रानी को इसके लिए टोका भी, लेकिन रानी के ऊपर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
इसी बीच रानी अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। फिर पति कुंदन ने अथक प्रयास कर उसे जम्मू से वापस लाया। लेकिन रानी कुंदन के साथ नहीं रहना चाहती थी। इसी बीच रानी फिर से अपने बच्चे और पति को छोड़ प्रेमी के साथ भाग गई। अब तक कुंदन इस बात को समझ चुका था कि उसकी पत्नी रानी अब उसके साथ नहीं रहना चाहती। अंततः उसने रानी से उसके मन की बात पूछी, तो रानी ने स्पष्ट तौर पर अपने प्रेमी गोविंद के साथ रहने की इक्षा जताई।
कुंदन ने रानी की इक्षा को पूरा करने के लिए उसने रानी और गोविंद की कोर्ट मैरिज करा दी और खुद इस शादी का गवाह बना। इस तरह से 3 बच्चों की मां ने फुफेरे भाई से शादी रचा ली। शादी के बाद रानी ने बच्चों को भी अपने पहले पति कुंदन को सौंप दिया। यह मामला शादी और शादी के बाद बनने वाले विवाहेत्तर संबंध की जटिल सच्चाई को दिखाता है।








