ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की तरफ से पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया गया। उसके प्रतिकार स्वरूप पाकिस्तान की तरफ से जवाबी कार्रवाई का स्वतंत्र विश्लेषण स्विट्ज़रलैंड के स्वतंत्र सैन्य इतिहासकार और लेखक एड्रियन फ़ॉन्टानेलॉज ने किया है।
दरअसल कश्मीर के पहलगाम में आतंकी अटैक के प्रतिकार स्वरूप भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी। जिसमें पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन के अड्डे पर भारत ने एयर स्ट्राइक किया था। जिसके बाद पाकिस्तान ने भी 7 मई की रात भारत पर हमला कर दिया उसमें पहली रात भारत को कुछ नुकसान झेलना पड़ा था।
स्विट्जरलैंड के स्वतंत्र सैन्य इतिहासकार ने 7 से 10 मई के बीच के हवाई युद्ध का स्वतंत्र विश्लेषण का रिपोर्ट प्रस्तुत किया है। जिसके अनुसार भारत पर युद्ध के शुरूआती क्षण में पाकिस्तान की तरफ से एयरफोर्स के 40 विमानों जिसमें चीनी PL-15 लंबी दूरी की एयर टू एयर मिसाइलों और एयरबोर्न अर्ली वार्निंग सिस्टम से भारत के ऊपर हमला किया गया। जिसमें भारत की तरफ से IACCCS नेटवर्क सेना का आकाशतीर सिस्टम, बराक-8 और S-400 ने पाकिस्तानी हमले को लगभग नाकाम कर दिया। लेकिन इसमें भारत का 1 राफेल, 1 मिराज-2000 और 1 अन्य विमान क्षतिग्रस्त हो गया। यह नुकसान भारत के लिए एक झटका था।
स्विस थिंक टैंक की रिपोर्ट के अनुसार इसके बाद जवाबी कार्रवाई के लिए भारत ने अपनी रणनीति बदली और पाकिस्तान की वायु सेना की ऐसी कमर तोड़ी कि पाकिस्तान त्राहिमाम करने लगा। भारतीय वायुसेना ने SCALP-EG, ब्रह्मोस जैसी स्टैंड ऑफ क्रूज मिसाइलों, 60 लड़ाकू विमानों के बहु दिशात्मक हमलों से पाकिस्तान की वायुसेना और उसके हैंगर, उसके रडार नेटवर्क, उसकी लॉजिस्टिक और रनवे इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह किया एवं मिसाइलों को मार गिराया।
भारत के इस हमले से लाहौर, कराची, बहावलपुर और मुरीदके के एयर बेस पूरी तरह तबाह हो गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 मई को पाकिस्तान का एयरबेस पूरी तरह दबाव में था। वायुरक्षा कमजोर हो चुकी थी। जिसके बाद पाकिस्तान युद्धविराम की रट अलापना और अनुरोध करने लगा।
स्विट्जरलैंड के सैन्य विश्लेषक एड्रियन फ़ॉन्टानेलॉज द्वारा तैयार ऑपरेशन सिंदूर के इस रिपोर्ट से साबित होता है कि युद्ध का शुरुआती क्षण भारत पर भारी था। लेकिन भारत के जवाबी कार्रवाई ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया। जिसके बाद पाकिस्तान के बारम्बार युद्धविराम के अनरोध पर ही भारत की तरफ से युद्ध को रोका गया।










