

कोलकाता के बड़ा बाजार लाइब्रेरी में सरदार पटेल जयंती पर राष्ट्रीय कविगोष्ठी का भी हुआ आयोजन
लाल-बाल-पाल स्मृति पर्व: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल की स्मृति में आगामी 7 नवंबर 2026 को कोलकाता में ‘लाल-बाल-पाल स्मृति पर्व’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों और रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए बड़ा बाजार लाइब्रेरी, कोलकाता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय कविगोष्ठी भी आयोजित हुई।

बैठक की संयुक्त अध्यक्षता बड़ा बाजार लाइब्रेरी के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक जय गोपाल गुप्ता तथा राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ स्मृति न्यास के अध्यक्ष नीरज कुमार ने की। बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्मृति पर्व को व्यापक स्तर पर सफल बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
महापुरुषों का स्मरण नई पीढ़ी के लिए जरूरी
जय गोपाल गुप्ता ने कहा कि देश के महापुरुषों का स्मरण समाज में राष्ट्रीय चेतना और जागरूकता बढ़ाने का माध्यम है। उन्होंने इस आयोजन को कोलकाता के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।




वहीं, नीरज कुमार ने कहा कि लाल-बाल-पाल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नायक रहे हैं। युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष, विचारों और योगदान से परिचित कराना राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने बिपिन चंद्र पाल के जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को प्रेरणादायक बताया।

बिपिन चंद्र पाल का योगदान पाठ्यक्रम में हो शामिल
प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार डॉ. संजय पंकज ने कहा कि लाल-बाल-पाल भारतीय अस्मिता, स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक हैं। उन्होंने बिपिन चंद्र पाल के साहित्यिक, पत्रकारिता और वैचारिक योगदान को रेखांकित करते हुए उनकी जीवनी को पाठ्यपुस्तकों में शामिल करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बंगाल की धरती के इस महान स्वतंत्रता सेनानी का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सरदार पटेल जयंती पर कवियों ने प्रस्तुत की देशभक्ति रचनाएं
सरदार पटेल जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय कविगोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया। आयोजन में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ स्मृति न्यास की परंपरा ‘संगत और पंगत’ का भी विशेष ध्यान रखा गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार दिव्येंदु चौधरी, कवि गिरिधर राय, डॉ. सुभाष राय, अशोक झा, हीरालाल मल्लिक, राजकुमार गुप्ता, सुरेश चौधरी, हिमाद्रि मिश्रा, पवन ढेलिया, डॉ. केयूर मजूमदार, अशोक गुप्ता और रजत राय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
7 नवंबर को महाजाति सदन में होगा मुख्य समारोह
आयोजकों के अनुसार, क्रांतिकारी विचारक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी बिपिन चंद्र पाल की जयंती के अवसर पर 7 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजे से महाजाति सदन, कोलकाता में मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहली बार सांस्कृतिक परिवेश में इस स्मृति पर्व का आयोजन किया जा रहा है। बैठक में उपस्थित लोगों ने इसे सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
लाल-बाल-पाल के योगदान को जन-जन तक पहुंचाने की पहल
बैठक में लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने स्वदेशी आंदोलन, स्वराज की अवधारणा, क्रांतिकारी पत्रकारिता और राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
लाला लाजपत राय ने स्वदेशी और स्वावलंबन की भावना को मजबूत किया। बाल गंगाधर तिलक ने स्वराज को राष्ट्रीय आंदोलन का प्रमुख लक्ष्य बनाया, जबकि बिपिन चंद्र पाल ने पत्रकारिता, शिक्षा और अपने विचारों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
37 वर्षों से सक्रिय है दिनकर न्यास
आयोजकों ने बताया कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ स्मृति न्यास पिछले 37 वर्षों से महापुरुषों के विचारों, साहित्य और सांस्कृतिक चेतना को समाज तक पहुंचाने के लिए सक्रिय है। इसी क्रम में बिपिन चंद्र पाल के योगदान को रेखांकित करने और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से स्मृति पर्व आयोजित किया जा रहा है।
वक्ताओं ने विश्वास जताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना और स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।










